Chitragupta Puja 2025 पर करें भगवान चित्रगुप्त की पूजा। जानें 23 अक्टूबर को पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन का धार्मिक महत्व।
Chitragupta Puja 2025: चित्रगुप्त पूजा हर साल भाई दूज के दिन की जाती है। भगवान चित्रगुप्त को हिंदू धर्म में देवताओं के लेखपाल और यमराज के सहायक के रूप में जाना जाता है। यह दिन विशेष रूप से कायस्थ समाज के लिए पवित्र और महत्वपूर्ण होता है। भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से बुद्धि, शिक्षा और सत्य मार्ग की प्राप्ति होती है।
Chitragupta Puja 2025: तिथि और मुहूर्त
पूजा की तिथि: गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025
भाई दूज तिथि: 23 अक्टूबर 2025
पूजा का शुभ मुहूर्त: दोपहर 1:13 बजे से दोपहर 3:28 बजे तक
पूजा अवधि: 2 घंटे 15 मिनट
क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा?
भगवान चित्रगुप्त, ब्रह्मा जी के चित्त (मन) से उत्पन्न हुए माने जाते हैं और ये मनुष्यों के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं। मृत्यु के बाद कौन स्वर्ग जाएगा और कौन नर्क, इसका निर्णय चित्रगुप्त जी के कर्मों के हिसाब से किया जाता है। इसलिए इनकी पूजा आत्मचिंतन, ईमानदारी और अच्छे कर्मों की प्रेरणा देती है।
चित्रगुप्त पूजा विधि 2025 (Puja Vidhi):
प्रातः स्नान के बाद पूजा स्थल को साफ करें।
भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति या तस्वीर वेदी पर स्थापित करें।
पूजा पूर्व दिशा की ओर मुख करके करें।
घी का दीपक जलाएं और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) से भगवान को स्नान कराएं।
कलश में जल भरकर उसमें तुलसी के पत्ते डालें।
पूजा में हल्दी, चंदन, फूल, फल, मिठाई और भोग अर्पित करें।
कलम, दवात, डायरी और कागज पूजा में जरूर रखें।
कागज पर रोली और घी से स्वास्तिक बनाएं और नए कलम से देवी-देवताओं के नाम लिखें।
चित्रगुप्त कथा का पाठ करें और अंत में आरती करें।
पूजा के बाद अपने कर्मों की समीक्षा करें और ईमानदारी का संकल्प लें।
चित्रगुप्त पूजा का महत्व (Significance):
शिक्षा और ज्ञान में वृद्धि होती है।
नौकरी, परीक्षा और करियर में सफलता मिलती है।
नकारात्मक कर्मों से मुक्ति और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।
घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है।
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