मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक,अन्त्योदय के संकल्प को साकार करने में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकारिता राज्य सरकार के अन्त्योदय के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है कि कमजोर वर्ग को सहयोग और समृद्धि की भावना से सशक्त बनाया जाए। उनका कहना था कि राज्य सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना कर रही है, जिससे हमारे गांवों को समृद्ध और खुशहाल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रदेश के किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने में सहकार आंदोलन महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि राज्य सरकार राजस्थान सहकारिता अधिनियम 2001 को वर्तमान परिस्थितियों में लागू करने के लिए नवीन कॉपरेटिव कोड बनाएगी। इसके लिए एक समिति ने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और केरल जैसे सहकारी आंदोलन में अग्रणी राज्यों का दौरा कर वहां के सहकारी कानूनों का व्यवहारिक अध्ययन भी किया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बजट 2024-25 की अनुपालना में राज्य सरकार ने 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण किसानों को दिया है। राज्य के लगभग 35 लाख कृषक इससे लाभान्वित हुए हैं। बजट 2025–26 में भी 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा।
बजट घोषणाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उनका समयबद्ध रूप से प्रभावी रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 150 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 से 500 मेट्रिक टन की क्षमता के गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सहकारी संस्थाओं की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। कृषि उत्पादों का योजनाबद्ध ढंग से इन गोदामों में भण्डारण सुनिश्चित करें, ताकि इनका अधिकतम उपयोग किया जा सके। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में एक लाख गोपालक परिवारों को गोपाल क्रेडिट कार्ड के माध्यम से एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है। इन परिवारों की संख्या वर्ष 2025–26 में 2 लाख 50 हजार हो गई है। साथ ही, इस बजट में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि को आगामी वर्ष से 9 हजार प्रति वर्ष करने की घोषणा की गई है।
खरीफ – 2024 में 4700 करोड़ रुपये से अधिक की दलहन और तिलहन खरीद
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य सहकारी क्रय विक्रय संघ लिमिटेड ने खरीफ सीजन 2024 में दलहन और तिलहन (उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, मूंगफली) के लिए 4 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की, जिसमें मूंगफली की एक रिकॉर्ड खरीद 4 लाख 38 हजार 800 मेट्रिक टन से अधिक हुई। साथ ही, रबी सीजन 2025–26 के लिए चने और सरसों खरीदने के लिए नामांकन भी शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पर्याप्त जानकारी दी जाए। सहकारी बैंकों द्वारा योग्य किसानों को कम ब्याज पर किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाए। साथ ही, किसानों और ग्रामीणों के अधिक से अधिक बचत खाते सहकारी बैंकों में खुलेंगे।
राजस्थान, सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने में देश में अग्रणी—
सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने समीक्षा बैठक में विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को समझाया। उनका कहना था कि राजस्थान केंद्र सरकार की सहयोग से समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने में देश में सबसे पहले है। इस परिकल्पना के तहत 54 पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें पेक्स कंप्यूटराइजेशन, बहुद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों की स्थापना और खाद्यान्न भंडारण के लिए गोदामों की स्थापना शामिल हैं। राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) ने नागरिक आपूर्ति और मेडिकल मार्केटिंग क्षेत्रों में लक्ष्य से अधिक व्यवसायिक उपलब्धियां हासिल की हैं। कॉनफेड राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला और दीपोत्सव मेला हर साल आयोजित करता है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक, मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, शासन सचिव पशुपालन श्री समित शर्मा, प्रबंध निदेशक राजफेड श्री टीकम चन्द बोहरा, प्रबंध निदेशक आरएसएलडीबी श्री जितेन्द्र प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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