भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के जिला हांसी आगमन पर हरियाणा पुलिस के जवानों द्वारा उन्हें भव्य गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक, पुलिस और न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका स्वागत किया गया। यह क्षण न केवल जिले के लिए गौरवपूर्ण रहा, बल्कि न्यायपालिका और राज्य प्रशासन के बीच आपसी सम्मान और समन्वय का भी प्रतीक बना।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के आगमन पर पुलिस के जवानों ने अनुशासित परेड के माध्यम से उन्हें सलामी दी। गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुलिस बल की सजगता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता देखने योग्य रही। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए पुष्पगुच्छ भेंट किया और जिले की ओर से सम्मान प्रकट किया।
बताया गया कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत का यह दौरा न्यायिक गतिविधियों, विधिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक संवाद से जुड़ा हुआ है। उनके आगमन से स्थानीय न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विधि क्षेत्र से जुड़े लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। जिला प्रशासन ने उनके दौरे को सुचारु और गरिमामय बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं।
गार्ड ऑफ ऑनर के पश्चात मुख्य न्यायाधीश ने उपस्थित अधिकारियों से संक्षिप्त संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस बल की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका और पुलिस दोनों का उद्देश्य समाज में न्याय, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत अपने न्यायिक जीवन में संवैधानिक मूल्यों, मानवाधिकारों और न्याय तक आम नागरिक की पहुंच को सुदृढ़ करने के लिए जाने जाते हैं। उनके हांसी आगमन को जिले के लिए प्रेरणादायी माना जा रहा है, खासकर युवा अधिवक्ताओं और कानून के विद्यार्थियों के लिए। उनके अनुभव और विचार न्यायिक व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील तथा प्रभावी बनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर हरियाणा पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश का हांसी आगमन जिले के लिए सम्मान की बात है। इससे न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ होती है, बल्कि न्यायिक और प्रशासनिक संस्थानों के बीच समन्वय को भी बल मिलता है।
कुल मिलाकर, न्यायमूर्ति सूर्यकांत के आगमन पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर न केवल एक औपचारिक सम्मान था, बल्कि यह संविधान, न्याय और कानून के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का भी सशक्त प्रतीक रहा।


