संत कबीर कुटीर में आज चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित नेतृत्व के सम्मान में एक गरिमामय अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के विजयी नेतृत्व को लड्डू खिलाकर मुँह मीठा करवाया गया और उन्हें शानदार जीत के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। समारोह में उत्साह, एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेश देखने को मिला।
इस कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष श्री जतिंदरपाल मल्होत्रा जी, नवनिर्वाचित मेयर श्री सौरभ जोशी जी, सीनियर डिप्टी मेयर श्री जसमनप्रीत सिंह जी तथा डिप्टी मेयर श्रीमती सुमन देवी जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नेताओं के स्वागत और अभिनंदन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। सभी ने इसे चंडीगढ़ की राजनीति में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक क्षण बताया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास और भाजपा की नीतियों पर मुहर है। चंडीगढ़ के नागरिकों ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया है। यह विजय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, सेवा भाव और जमीनी स्तर पर किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी की पूरी टीम और समर्पित कार्यकर्ताओं को भी विशेष रूप से बधाई दी गई। वक्ताओं ने कहा कि बूथ स्तर से लेकर संगठन के शीर्ष तक, सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जिस मेहनत और अनुशासन के साथ कार्य किया, उसी का परिणाम आज इस ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया है।
नेताओं ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में चंडीगढ़ का यह नया नेतृत्व पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। नगर निगम में पारदर्शी प्रशासन, नागरिक सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समारोह के अंत में यह संकल्प दोहराया गया कि चंडीगढ़ को एक आदर्श, स्वच्छ और विकसित शहर बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व और कार्यकर्ता मिलकर जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। यह अभिनंदन समारोह न केवल जीत का उत्सव था, बल्कि आने वाले समय में चंडीगढ़ की प्रगति के लिए एक मजबूत और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक भी बना।


