रवनीत बिट्टू के वीडियो से कांग्रेस-अकाली की ‘फिक्स्ड मैच’ राजनीति का खुलासा, आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने बताया कैसे पर्दे के पीछे सत्ता की मिलीभगत से पंजाब को लूटा गया और 2022 में जनता ने पूरे सिस्टम को बदल दिया।
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन दोनों दलों ने दशकों तक पंजाब में पर्दे के पीछे सत्ता की साझेदारी की राजनीति की और राज्य को लूटने का काम किया। पन्नू ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के एक हालिया वीडियो ने कांग्रेस-अकाली की इस “फिक्स्ड मैच” राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने वह वीडियो क्लिप मीडिया के सामने चलाई, जिसमें रवनीत बिट्टू खुद यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि 2017 में उन्होंने भगवंत मान को हराने और सुखबीर बादल की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई थी। पन्नू ने कहा कि यह कोई आम आदमी पार्टी का आरोप नहीं है, बल्कि कांग्रेस का ही नेता अपनी पार्टी और अकाली दल की मिलीभगत का पर्दाफाश कर रहा है।
“यह स्वीकारोक्ति कांग्रेस-अकाली गठजोड़ का सबूत है”
बलतेज पन्नू ने कहा, “रवनीत बिट्टू खुले तौर पर मान रहे हैं कि कांग्रेस और अकाली दल के नेता बंद कमरों में बैठकर तय करते थे कि कौन जीतेगा, कौन हारेगा और कौन सी सीट किसके खाते में जाएगी। यह लोकतंत्र नहीं था, यह सत्ता की बंदरबांट थी।”
उन्होंने कहा कि वर्षों तक पंजाब की राजनीति “पांच साल तुम लूटो, पांच साल हम” के फॉर्मूले पर चलती रही। एक पार्टी सत्ता में आती थी, दूसरी विपक्ष में बैठकर उसका साथ देती थी और फिर अगली बारी में भूमिकाएं बदल जाती थीं। जनता के हितों से ज्यादा इन नेताओं की चिंता अपनी सत्ता और फायदे की होती थी।
“एक ने पांच साल लूटा, फिर दूसरे ने अगले पांच साल”
पन्नू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने मिलकर पंजाब को एक “फिक्स्ड मैच” मॉडल में बदल दिया था। उन्होंने कहा, “यह शासन नहीं था, यह संगठित राजनीतिक भ्रष्टाचार था। दोनों पार्टियां एक-दूसरे को बचाती थीं, एक-दूसरे के घोटालों पर चुप रहती थीं और चुनावी नतीजे पहले से तय कर लिए जाते थे।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अलग-अलग इलाकों में कांग्रेस और अकाली नेताओं के बीच अंदरूनी समझौते होते थे—कहीं पटियाला, कहीं लंबी, कहीं बठिंडा, कहीं संगरूर, तो कहीं माझा और दोआबा क्षेत्र में। जनता के सामने एक-दूसरे पर हमला और पर्दे के पीछे सौदेबाजी यही इनकी राजनीति थी।
“संगरूर के एक आम आदमी ने सिस्टम को हिला दिया”
पन्नू ने कहा कि जब संगरूर के एक गांव से निकलकर एक आम आदमी—भगवंत मान—ने इस मिलीभगत वाली राजनीति को चुनौती दी, तो पूरा पुराना सिस्टम घबरा गया। उन्होंने बताया कि 2014 में ही संगरूर की जनता ने सच्चाई समझ ली थी और भगवंत मान को जिताया। 2017 और 2019 में उन्हें हराने की कोशिशें हुईं, लेकिन जनता ने फिर भी उनका साथ दिया।
“जब मान साहब लगातार दो बार जीते, तो यह संदेश पूरे पंजाब में गया। फिर 2022 में लोगों ने पूरे पुराने सिस्टम को बाहर का रास्ता दिखा दिया,” पन्नू ने कहा।
“2022 में गिरे भ्रष्ट सिस्टम के स्तंभ”
बलतेज पन्नू ने कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव किसी एक पार्टी की जीत नहीं, बल्कि भ्रष्ट और मिलीभगत वाले सिस्टम की हार थी। उन्होंने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह हारे, बिक्रम मजीठिया हारे, प्रकाश सिंह बादल हारे, सुखबीर बादल हारे और नवजोत सिद्धू भी हार गए। यह कोई संयोग नहीं था, यह उस सिस्टम के गिरने का सबूत था जो सालों से पंजाब की राजनीति को जकड़े हुए था।”
“चार साल में बदला पंजाब का चेहरा”
पन्नू ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद पंजाब में कई ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि 45 साल बाद नहरों का पानी टेलों तक पहुंचा है, रोड सेफ्टी फोर्स (SSF) मिनटों में इमरजेंसी सहायता पहुंचा रही है, 16 टोल प्लाजा बंद किए जा चुके हैं, लोगों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है, 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है और शासन में पारदर्शिता आई है।
उन्होंने कहा, “विपक्ष आज काम की बात नहीं करता। वे सिर्फ कहते हैं कि हमें सत्ता में आने दो, हम भगवंत मान को गिरफ्तार करेंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्यों? किसानों को पानी देने के लिए? हादसों में लोगों की जान बचाने के लिए? या लूट और भ्रष्टाचार रोकने के लिए?”
“सबसे बड़ा सबूत—पूर्व कांग्रेसी खुद कर रहे कबूलनामा”
पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी के आरोपों का सबसे बड़ा सबूत यही है कि पूर्व कांग्रेस नेता अब खुद यह सब मान रहे हैं। “रवनीत बिट्टू आज केंद्रीय मंत्री हैं। वे यह झूठ नहीं बोल रहे कि उन्हें भगवंत मान को हराने और सुखबीर बादल की मदद करने का संदेश दिया गया था। असली सवाल यह है कि उन्हें यह संदेश किसने दिया?”
“गुप्त समझौतों का दौर खत्म, ईमानदार राजनीति की शुरुआत”
अपने बयान के अंत में बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब की जनता अब सब कुछ समझ चुकी है। “आज पंजाब जानता है कि कौन पर्दे के पीछे मिलकर खेलता था और कौन लोगों के साथ खड़ा था। गुप्त समझौतों और फिक्स्ड मैचों का दौर खत्म हो चुका है। अब ईमानदार राजनीति का दौर शुरू हो गया है, और यही बात पुराने राजनीतिक घरानों को बर्दाश्त नहीं हो रही।”


