भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं संविधान सभा के अध्यक्ष, भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर आज पूरे देश में श्रद्धांजलि और नमन का दौर चल रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी, संविधान निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ और राष्ट्रनिर्माण के पथप्रदर्शक के रूप में उनका योगदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
नेताओं, सामाजिक संगठनों और देशवासियों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण किया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत के संवैधानिक ढांचे को मजबूत आधार प्रदान किया।
उनका सादगीपूर्ण जीवन, समर्पित राष्ट्रसेवा और कर्मयोग की भावना आज भी भारतीय जनमानस को कर्तव्यनिष्ठा, नवाचार और राष्ट्र-उत्थान के संकल्प के लिए प्रेरित करती है।
जयंती के अवसर पर आयोजित समारोहों में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन आदर्श, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का उत्तम उदाहरण है, जिसे आने वाली पीढ़ियां सदैव स्मरण करती रहेंगी।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं संविधान सभा के अध्यक्ष, भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण और राष्ट्रनिर्माण में उनका अद्वितीय योगदान सदैव राष्ट्र को दिशा देता रहा है। उनका समर्पित कर्मयोग आज भी भारतीय जनमानस में नवाचार,… pic.twitter.com/I4FhKbvsIv
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 3, 2025


