पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुजरात दौरे के दौरान पंजाब सरकार की ऐतिहासिक मुख्यमंत्री सेहत योजना को देशभर में लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अहमदाबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है, उसी तरह यह योजना गुजरात सहित अन्य राज्यों में भी लागू होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी गोपाल राय, प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक गोपाल इटालिया, विधायक चैतर वसावा और प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य को ‘उड़ता पंजाब’ जैसी नकारात्मक पहचान से बाहर निकालकर विकास और जनकल्याण के रास्ते पर अग्रसर किया है।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में लागू की गई मुख्यमंत्री सेहत योजना देश की पहली ऐसी योजना है, जिसमें बिना किसी आय सीमा या शर्त के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए न तो किसी हरे या पीले कार्ड की आवश्यकता है और न ही किसी अन्य प्रकार की पात्रता शर्त। केवल आधार कार्ड के आधार पर पंजीकरण किया जा रहा है, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी व्यक्ति बीमारी के कारण आर्थिक रूप से बर्बाद न हो। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अक्सर देखा गया है कि एक व्यक्ति की गंभीर बीमारी पूरे परिवार की जिंदगी तबाह कर देती है। जमीन गिरवी रखनी पड़ती है, गहने बेचने पड़ते हैं और कई बार मरीज खुद ही इलाज से इनकार कर देता है, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसी पीड़ा को समझते हुए यह योजना लागू की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हेल्थ कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या की कोई सीमा नहीं है। एक ही वर्ष में यदि परिवार के अलग-अलग सदस्य बीमार पड़ते हैं और कुल खर्च 10 लाख रुपये तक पहुंचता है, तो पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। वर्ष पूरा होने के बाद फिर से 10 लाख रुपये की सीमा स्वतः जुड़ जाएगी।
भगवंत मान ने कहा कि इस योजना में किडनी ट्रांसप्लांट, घुटने का ऑपरेशन, डायलिसिस, हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां सहित सभी प्रकार के इलाज शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विदेशों में रहने वाले पंजाबी और गुजराती समुदाय से बातचीत में भी यह सामने आया है कि विकसित देशों में भी इतनी व्यापक स्वास्थ्य योजना उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के आम आदमी क्लिनिक मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि गांव-स्तर पर मुफ्त जांच, दवाइयों और इलाज की सुविधा देकर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के करीब लाया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अब कोई भी व्यक्ति केवल पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहेगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि गुजरात जैसे विकसित राज्य में भी ऐसी योजना लागू की जाए, तो करोड़ों लोगों को राहत मिलेगी और देश में एक मजबूत, मानवीय स्वास्थ्य मॉडल स्थापित होगा।


