भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बरवाला में नई अदालत का औपचारिक शुभारंभ करते हुए कोर्ट कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। इस अवसर को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि अदालतें जितनी आमजन के निकट होंगी, न्याय उतना ही अधिक सुलभ, सरल और प्रभावी होगा। नई अदालत की स्थापना से न केवल न्यायिक अवसंरचना को मजबूती मिलेगी, बल्कि नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्याय व्यवस्था में बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक और सुविधाजनक अदालतें न्यायिक प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अदालतों की उपलब्धता से लोगों को लंबी दूरी तय कर न्याय पाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। इससे समय, धन और संसाधनों की बचत होगी तथा आम नागरिक का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल फैसले सुनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। नई अदालत और प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स इसी सोच का प्रतिफल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर न्यायिक ढांचा न्यायाधीशों, वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों के लिए भी अनुकूल कार्य वातावरण प्रदान करता है, जिससे मामलों के निपटारे की गति बढ़ती है।
बरवाला में बनने वाले कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है। इसमें पर्याप्त कोर्ट रूम, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, वादकारियों के लिए प्रतीक्षालय, डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था, ई-कोर्ट सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शामिल होंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस परिसर के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के लोगों को जिला या दूरस्थ न्यायालयों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पहल को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि बरवाला और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ती आबादी और मामलों की संख्या को देखते हुए नई अदालत की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब इस पहल से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि न्यायिक अवसंरचना का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी प्रणाली के निर्माण का आधार है। केंद्र और राज्य स्तर पर न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार जारी हैं, ताकि न्याय सबके लिए, समय पर और समान रूप से उपलब्ध हो सके।
अंत में, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आशा व्यक्त की कि बरवाला की नई अदालत और कोर्ट कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में न्यायिक सशक्तिकरण का प्रतीक बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल संविधान के उस मूल उद्देश्य को मजबूत करती है, जिसमें हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। नई अदालत के शुभारंभ से बरवाला क्षेत्र में न्याय की पहुंच आसान होने के साथ-साथ न्यायपालिका और जनता के बीच विश्वास का सेतु और मजबूत होगा।


