Bajaj Finance के शेयर गुरुवार को 4 परसेंट की तेजी के साथ 9,709.75 रुपये के नए रिकॉर्ड उच्चतम मूल्य पर पहुंच गए। इस साल कंपनी के शेयरों में 35 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है।
Bajaj Finance भारत की सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC), 29 अप्रैल, 2025 को होने वाली अपनी अगली बोर्ड मीटिंग को लेकर चर्चा में है। बुधवार को कंपनी ने कहा कि उसका बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स 29 अप्रैल, 2025 को एक खास डिविडेंड, बोनस शेयर और शेयर को कई छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने पर विचार करेगा।
ये जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी
23 अप्रैल को बीएसई को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि इन प्रस्तावों का मकसद शेयरहोल्डर्स की वैल्यू को बढ़ाना है। इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिलनी चाहिए। यह भी कहा गया कि कंपनी 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों को बांटने या स्टॉक स्प्लिट करने पर विचार करेगा। वर्तमान शेयरधारकों को बोनस शेयर देने का प्रस्ताव और वित्त वर्ष 2025 के लिए एकमुश्त डिविडेंट देने का प्रस्ताव भी विचार किया जाएगा। 2013 के कंपनी अधिनियम और सेबी के नियमों के अनुसार ये कॉर्पोरेट एक्शन लागू होंगे।
Bajaj Finance के शेयरों में तेजी
इस घोषणा के बाद गुरुवार को कंपनी के शेयरों में 4 परसेंट की तेजी आई, जिससे यह बीएसई पर 52 हफ्ते के उच्चतम लेवल 9,709.75 रुपये पर पहुंच गया। अब तक, कंपनी के शेयरों में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और पिछले वर्ष 28 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट से लिक्विडिटी बढ़ सकती है, जिससे शेयर अधिक किफायती हो सकते हैं। इससे अधिक निवेशक आकर्षित हो सकते हैं। स्पेशल डिविडेंट कंपनी के अच्छे वित्तीय स्वास्थ्य और शेयरहोल्डर्स को सम्मानित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्या होता है बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट?
स्टॉक स्प्लिट में एक शेयर कई भागों में विभाजित होता है। इससे निवेशकों को शेयर खरीदना आसान होता है और शेयर की लिक्विडिटी बढ़ती है। बोनस इश्यू में शेयरहोल्डर्स को फ्री में नए शेयर मिलते हैं। इससे शेयरों की संख्या बढ़ती है, लेकिन फेस वैल्यू और निवेशकों की होल्डिंग वैल्यू दोनों उतनी ही रहती हैं।
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