राष्ट्रनिर्माण के प्रखर स्तंभ, राजनीति के दूरदर्शी शिखर पुरुष और भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देशभर में उन्हें कोटि-कोटि नमन अर्पित किया गया और उनके योगदान को स्मरण किया गया।
अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति में एक कुशल संगठनकर्ता, ओजस्वी वक्ता और कालजयी कवि के रूप में विख्यात रहे। उनके विचार, भाषण और कविताएं आज भी देशवासियों को प्रेरणा देती हैं। सरल भाषा, स्पष्ट दृष्टि और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली उनकी राजनीति ने लोकतंत्र को नई दिशा दी।
उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याणकारी शासन के संकल्प का प्रतीक है। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी एवं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से सुशासन, सेवा और संवेदनशील प्रशासन के मूल्यों को दोहराया गया।
देश के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन पर अटल जी की अमिट छाप सदैव बनी रहेगी। उनकी दूरदर्शिता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।
राष्ट्रनिर्माण के प्रखर स्तंभ और राजनीति के दूरदर्शी शिखर पुरुष, 'भारत रत्न' पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
आदरणीय अटल जी हम सभी के लिए कुशल संगठनकर्ता, ओजस्वी वक्ता और कालजयी कवि के रूप में एक आदर्श प्रेरणास्त्रोत हैं। उनकी… pic.twitter.com/0NJrnR6YSB
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 25, 2025


