हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने PM मोदी की हाईवे लैंडिंग, नॉर्थ ईस्ट विकास और 114 राफेल जेट्स को लेकर बयान दिया और कांग्रेस व विपक्ष पर तीखा हमला बोला। पढ़िए पूरी खबर।
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्थ ईस्ट यात्रा और असम के डिब्रूगढ़ में हाईवे पर विमान लैंडिंग को ऐतिहासिक बताते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ ईस्ट को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर वह कर दिखाया है, जिसे पहले की सरकारें करने से कतराती रहीं।
मीडिया से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि पहले कांग्रेस के प्रधानमंत्री चीन की सरहद के नजदीक नॉर्थ ईस्ट जाने से डरते थे और इस क्षेत्र को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के विकास के साथ यह साबित कर दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर हाईवे को भी रनवे में बदला जा सकता है और देश की रणनीतिक ताकत कितनी मजबूत हो चुकी है।
देश की सुरक्षा को लेकर बोलते हुए अनिल विज ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा चक्र पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने भारतीय वायु सेना के लिए प्रस्तावित 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भारत की वायु शक्ति और भी मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब सिर्फ हथियार आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर निर्यात भी कर रहा है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अनिल विज ने पार्टी को “रामलीला पार्टी” बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे रामलीला में कलाकार अलग-अलग वेश बदलकर अलग किरदार निभाते हैं, वैसे ही कांग्रेस के नेता भी कभी किसान, कभी मजदूर और कभी व्यापारी बनकर सामने आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब जनसमर्थन नहीं बचा है, इसलिए वह सिर्फ वेश बदल-बदलकर राजनीति कर रही है।
संसद में विपक्ष के रवैये पर भी अनिल विज ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में चर्चा करने के लिए नहीं, बल्कि कार्यवाही बाधित करने के इरादे से आता है। उनके मुताबिक, संसद में 140 करोड़ लोगों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष सिर्फ हंगामा करने और कामकाज रोकने की कोशिश करता है। विज ने कहा कि बात रखने और सदन बाधित करने में बड़ा फर्क होता है, जिसे विपक्ष समझना नहीं चाहता।
अनिल विज के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, खासकर नॉर्थ ईस्ट के विकास, देश की सुरक्षा और संसद की कार्यवाही को लेकर।


