दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी अमेज़न (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। यह बीते तीन महीनों में अमेज़न की दूसरी बड़ी छंटनी है, जिसने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के पीछे संगठनात्मक पुनर्गठन (Restructuring) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के बढ़ते उपयोग को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह छंटनी अमेज़न के विभिन्न बिज़नेस यूनिट्स में की जा रही है, जिनमें कॉरपोरेट, टेक्नोलॉजी, क्लाउड और सपोर्ट से जुड़े विभाग शामिल हो सकते हैं। कंपनी का कहना है कि बदलते बाजार हालात और भविष्य की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि संचालन को अधिक कुशल और लागत प्रभावी बनाया जा सके।
अमेज़न के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आंतरिक नोट में कहा कि कंपनी लगातार अपने कामकाज के तरीकों की समीक्षा कर रही है। उन्होंने माना कि यह फैसला कर्मचारियों के लिए कठिन है, लेकिन लंबे समय में कंपनी की स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक कदम है। प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज, स्वास्थ्य लाभ और नई नौकरी खोजने में सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और ऑटोमेशन का बढ़ता इस्तेमाल इस छंटनी की एक बड़ी वजह है। अमेज़न तेजी से अपने सिस्टम में AI आधारित टूल्स को शामिल कर रहा है, जिससे कई प्रक्रियाएं ऑटोमेट हो रही हैं। इसका सीधा असर उन भूमिकाओं पर पड़ रहा है, जिनकी अब उतनी आवश्यकता नहीं रह गई है। इससे पहले भी कई टेक कंपनियां AI अपनाने के कारण कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी हैं।
यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक टेक इंडस्ट्री पहले से ही मंदी, लागत नियंत्रण और निवेश में कटौती के दौर से गुजर रही है। गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी हाल के वर्षों में हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। अमेज़न की यह नई घोषणा इस ट्रेंड को और मजबूत करती नजर आ रही है।
गौरतलब है कि अमेज़न ने कोविड-19 महामारी के दौरान तेजी से अपने वर्कफोर्स का विस्तार किया था, क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग और क्लाउड सेवाओं की मांग में जबरदस्त उछाल आया था। लेकिन अब हालात बदलने के साथ कंपनी अपने खर्चों पर नियंत्रण और संरचना में बदलाव कर रही है।
इस फैसले से दुनियाभर में अमेज़न के कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। खासकर अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों में काम कर रहे कर्मचारियों पर इसका असर पड़ सकता है। भारत में भी टेक सेक्टर से जुड़े कर्मचारी इस खबर को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, अमेज़न की यह छंटनी न सिर्फ कंपनी की आंतरिक रणनीति में बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि आने वाले समय में AI आधारित कार्यप्रणाली के कारण टेक सेक्टर में नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदल सकता है।


