Akshaya Tritiya 2025: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बहुत शुभ दिवस है। 30 अप्रैल इस बार अक्षय तृतीया है। अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी करना आम है।
Akshaya Tritiya 2025: 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में यह बहुत शुभ दिवस है। इस तिथि से कई शुभ संयोग जुड़े हैं। सोना लोग अक्सर क्षय न होने वाले धातु खरीदते हैं क्योंकि शब्द “अक्षय” का अर्थ है कि वह कभी नहीं टूटेगा। लेकिन आज की महंगाई और सोने की उच्च कीमतों के बीच कुछ ऐसी चीजें भी खरीदी जा सकती हैं। इससे जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आएगी।
अक्षय तृतीया पर क्या करें?
नारद पुराण, भविष्य पुराण और अन्य पवित्र ग्रंथों में इस दिन का उल्लेख है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया पर सुख-समृद्धि के लिए मिट्टी का बर्तन, कौड़ी, पीली सरसों, हल्दी की गांठ और रूई खरीदना शुभ होता है। अब प्रश्न उठता है कि यही चीजें आखिर क्यों हैं? ग्रह नक्षत्र भी इन विभिन्न तत्वों से जुड़े हैं।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सोने की जगह तांबा और सोना खरीदना फायदेमंद होता है। ये सूर्य को मजबूत करता है और लोगों और समाज में इसकी प्रतिष्ठा बढ़ाता है। रूई माता लक्ष्मी का नाम है और शुक्र ग्रह से जुड़ा है। हल्दी की गांठ गुरु को बल देती है और उनके जीवन में स्थिरता लाती है और उनका मान-सम्मान बढ़ाती है। मिट्टी का बर्तन मंगल को मजबूत करता है और कर्ज से छुटकारा दिलाता है और बेवजह की परेशानी से बचाता है।
नकारात्मकता को कैसे दूर करें?
पीली सरसों धन, संपत्ति और समृद्धि का कारण बनती है क्योंकि वे दरिद्रता और नकारात्मकता को दूर करते हैं। इसके अलावा, अगर संभव हो तो इस दिन आदि शंकराचार्य द्वारा लिखित कनकधारा स्त्रोत भी पढ़ना चाहिए।
क्या अक्षय तृतीया 2025 का शुभ मुहूर्त है?
दान भी अक्षय तृतीया पर बहुत महत्वपूर्ण है। दान भी दूध, खीर, दही, चावल और अन्य सफेद पदार्थों का है। अब हम अक्षय तृतीया 2025 के शुभ मुहूर्त पर चर्चा करेंगे। दृक पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 05:32 बजे शुरू होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 02:12 बजे खत्म होगी। इस दिन पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजे से दोपहर बारह बजे तक रहेगा। शुभ मुहूर्त 06 घंटे 37 मिनट चलता है। पूजन के साथ घर प्रवेश का समय भी सबसे अच्छा है।
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