AI Impact Summit 2026 में दिखाए गए रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद के बीच सामने आया कि यह Unitree का Go2 है; जानें इसकी कीमत, वेरिएंट और दमदार फीचर्स।
AI Impact Summit 2026 में प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ‘Orion’ नाम से पेश किया। सोशल मीडिया और टेक कम्युनिटी में सवाल उठने के बाद यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि उसने इस रोबोट को खुद डेवलप करने का दावा नहीं किया था। विवाद से इतर, जिस रोबोटिक डॉग की चर्चा हो रही है, वह दरअसल चीनी कंपनी Unitree का बनाया हुआ Unitree Go2 है।
कीमत और वेरिएंट
Unitree की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, Go2 का बेस मॉडल करीब 2800 डॉलर (लगभग 2.5 लाख रुपये) में मिलता है। इसके अलावा कंपनी Air, Pro और X जैसे वेरिएंट भी बेचती है।
Air वेरिएंट: लगभग 1600 डॉलर (करीब 1.45 लाख रुपये)
Pro वेरिएंट: स्टैंडर्ड मॉडल से ज्यादा एडवांस फीचर्स के साथ
X वेरिएंट: लगभग 4500 डॉलर (करीब 4.08 लाख रुपये)
ये वेरिएंट कंट्रोलर के साथ और बिना कंट्रोलर — दोनों विकल्पों में उपलब्ध हैं।
क्या-क्या है खास? (Unitree Go2 Pro के फीचर्स)
Go2 Pro वेरिएंट का वजन करीब 15 किलोग्राम है और इसे एल्युमिनियम एलॉय व हाई-स्ट्रेंथ इंजीनियरिंग प्लास्टिक से तैयार किया गया है। यह 28V से 33.6V पावर रेंज में काम करता है और करीब 3000W तक की परफॉर्मेंस देने में सक्षम है।
लोड कैपेसिटी: लगभग 8 किलोग्राम तक वजन उठा सकता है
स्पीड: 0 से 3.5 मीटर/सेकंड (करीब 12.6 किमी/घंटा)
सेंसर: सुपर वाइड-एंगल 3D LiDAR, HD वाइड-एंगल कैमरा
कनेक्टिविटी: Wi-Fi 6 (डुअल बैंड), Bluetooth 5.2, GPS के साथ 4G मॉड्यूल
स्मार्ट फीचर्स: वॉयस फंक्शन, इंटेलिजेंट डिटेक्शन और ऑब्स्टैकल अवॉइडेंस (रुकावट पहचानकर बचना)
बैटरी: सभी वेरिएंट्स में 8000mAh बैटरी, जो एक बार चार्ज करने पर करीब 1 से 2 घंटे तक चल सकती है
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विवाद की पृष्ठभूमि
समिट में इस रोबोट को ‘Orion’ नाम से पेश किए जाने के बाद यह सवाल उठा कि क्या इसे स्थानीय रूप से विकसित किया गया है। बाद में साफ हुआ कि यह Unitree Go2 है, जो पहले से ही ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध एक कमर्शियल प्रोडक्ट है। यूनिवर्सिटी ने भी यह स्पष्ट किया कि उसने इसे खुद बनाने का दावा नहीं किया था।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे एडवांस रोबोटिक प्लेटफॉर्म रिसर्च, एजुकेशन, सिक्योरिटी पेट्रोलिंग और इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, इस मामले ने यह भी दिखा दिया कि AI और रोबोटिक्स प्रदर्शनों में पारदर्शिता कितनी जरूरी है, ताकि किसी भी तरह का भ्रम या गलतफहमी न फैले।


