दिल्ली में AI Impact Summit के दौरान सुंदर पिचाई से मुलाकात में भारत के AI प्रयासों और गूगल के साथ छात्रों-प्रोफेशनल्स के लिए सहयोग पर बातचीत हुई।
राजधानी में आयोजित AI Impact Summit के मौके पर एक अहम मुलाकात सामने आई, जहां गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई से भारत के AI विज़न और भविष्य की दिशा को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम, सरकारी पहलों और स्टार्टअप से लेकर रिसर्च तक हो रहे काम पर विस्तार से बातचीत की गई।
सूत्रों के मुताबिक, बातचीत का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि भारत में AI के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों को किस तरह और मजबूत किया जाए और गूगल जैसी वैश्विक टेक कंपनी देश के प्रतिभाशाली छात्रों और प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर कैसे काम कर सकती है। इसमें स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च सपोर्ट, इनोवेशन और इंडस्ट्री-एकेडेमिया को जोड़ने जैसे विषय प्रमुख रहे।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारत के पास बड़ी संख्या में युवा टेक टैलेंट है और अगर सही प्लेटफॉर्म, टूल्स और गाइडेंस मिले तो देश AI इनोवेशन का ग्लोबल हब बन सकता है। गूगल के अनुभव और संसाधनों के साथ मिलकर भारतीय स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स को नए अवसर, ट्रेनिंग प्रोग्राम और रिसर्च कोलैबोरेशन मिल सकते हैं।
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AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि सरकार, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स एक साथ मिलकर AI के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को बढ़ाएं। इस मंच पर हुई यह मुलाकात भारत के AI इकोसिस्टम के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप की संभावनाओं को और मजबूत करती दिख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के सहयोग से न सिर्फ भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस जैसे सेक्टर्स में भी AI आधारित समाधान तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।


