किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध और खुशहाल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा गठित एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) एक प्रभावी और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आया है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि इस फंड के माध्यम से देश के सभी राज्यों में कृषि से जुड़े बुनियादी ढांचे को सशक्त किया गया है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष और दीर्घकालिक लाभ मिला है।
डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि किसानों की उपज का बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन सुनिश्चित किया जा सके। इस फंड के जरिए गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयां, कृषि यंत्रीकरण और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया गया है। इससे न केवल फसल बर्बादी में कमी आई है, बल्कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य भी मिलने लगा है।
उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा राज्य की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का लक्ष्य के अनुसार प्रभावी उपयोग किया है और अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ पहुंचाया है। राज्य में आधुनिक कृषि ढांचे के विकास से किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है और कृषि क्षेत्र में निवेश को भी बल मिला है। हरियाणा में स्थापित भंडारण केंद्रों, कोल्ड चेन सुविधाओं और कृषि आधारित उद्यमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
अतिरिक्त सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), सहकारी समितियों और कृषि उद्यमियों को आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
डॉ. द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से किसानों की निर्भरता बिचौलियों पर कम हुई है और वे सीधे बाजार से जुड़ पा रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आधुनिक मंडियां और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार से कृषि उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुदृढ़ हुई है। इसका सीधा लाभ किसानों की आय बढ़ने और कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने के रूप में सामने आया है।
उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का अधिकतम और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। केंद्र सरकार भविष्य में भी कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नई नीतियां और योजनाएं लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ने देश के कृषि परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम योगदान दिया है। हरियाणा जैसे राज्यों की सक्रिय भागीदारी से यह योजना किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार साबित हो रही है।


