पंजाब में दलित और मेहनतकश वर्ग के अपमान के खिलाफ आम आदमी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन, प्रताप सिंह बाजवा के घर बैंड-बाजे के साथ घेराव, पुलिस से झड़प और वाटर कैनन का इस्तेमाल, नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, चेयरमैनों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बाजवा के आवास के बाहर बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस पर दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान करने का आरोप लगाया।
इस प्रदर्शन में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, उनकी पत्नी सुरिंदर कौर, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, मोहिंदर भगत, डॉ. रवजोत, विधायक शैरी कलसी, कुलजीत रंधावा, इंद्रवीर सिंह निज्जर, नीना मित्तल, लाभ सिंह उगोके, चेतन जोड़ेमाजरा, इंदरजीत कौर, चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट, सनी सिंह अहलूवालिया समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा, ‘आप’ नेता जोबन रंधावा के नेतृत्व में कादियां (गुरदासपुर) में भी प्रताप सिंह बाजवा के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया।
“मेहनत की कमाई का मजाक उड़ाना शर्मनाक” — हरभजन सिंह ईटीओ
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसी के पिता के ईमानदार पेशे का मजाक उड़ाना न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे मेहनतकश समाज का अपमान है। उन्होंने कहा, “मेरे पिता बैंड मास्टर थे और उन्होंने मेहनत की कमाई से हमें पढ़ाया। मैं सरकारी स्कूल में पढ़कर और अपनी काबिलियत के दम पर यहां तक पहुंचा हूं। बाजवा साहब का बयान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि हर उस गरीब परिवार का अपमान है जो मेहनत से अपने बच्चों को आगे बढ़ाता है।”
ईटीओ ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की सोच आज भी सामंती और अहंकारी है। “इनकी नजर में दलित और गरीब समाज सिर्फ वोट बैंक का मटेरियल है। इन्हें यह हजम नहीं हो रहा कि आम घरों से निकले लोग आज मंत्री बनकर सरकार चला रहे हैं,” उन्होंने कहा।
राजा वड़िंग के बयान पर भी तीखा हमला
ईटीओ ने राजा वड़िंग के कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक सार्वजनिक मंच से किसी मंत्री की “गर्दन मरोड़ देने” जैसी भाषा इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही कानून-व्यवस्था की बात करने वालों का असली चेहरा है? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रताप सिंह बाजवा ने जल्द माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता” — सुरिंदर कौर
मंत्री ईटीओ की पत्नी सुरिंदर कौर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनके परिवार के पुश्तैनी काम का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। मेहनत की कमाई सबसे बड़ी इज्जत होती है। कांग्रेस नेताओं की भाषा उनकी घटिया सोच को दिखाती है।”
“आप ने राजनीति से परिवारवाद को खत्म किया” — हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी पार्टियों ने दशकों तक परिवारवाद को बढ़ावा दिया, जबकि आम आदमी पार्टी ने आम घरों के पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है और यही बात पुराने राजनीतिक घरानों को परेशान कर रही है।
“कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर” — डॉ. बलबीर
सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों से उनकी दलित और मेहनतकश विरोधी मानसिकता साफ उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों का मजाक उड़ाना बेहद निंदनीय है और पंजाब की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
“यह पूरे दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान” — इंदरजीत कौर
विधायक इंदरजीत कौर ने कहा कि बाजवा के अपमानजनक शब्द केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे दलित और मेहनतकश वर्ग का अपमान हैं। उन्होंने राजा वड़िंग की कथित हिंसक टिप्पणी पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
“2027 में जनता देगी जवाब” — शैरी कलसी
विधायक शैरी कलसी ने कहा कि पुराने राजनीतिक घराने आम घरों के बच्चों की तरक्की बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में पंजाब की जनता कांग्रेस और परिवारवादी राजनीति को करारा जवाब देगी।
पुलिस से झड़प, वाटर कैनन का इस्तेमाल
प्रदर्शन के दौरान जब ‘आप’ नेता प्रताप सिंह बाजवा के घर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस कार्रवाई में कई नेता और कार्यकर्ता घायल हुए और कुछ प्रमुख नेताओं को हिरासत में भी लिया गया।
‘आप’ नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक बयान के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो दलित और मेहनतकश वर्ग को नीचा दिखाती है। पार्टी ने साफ किया कि जब तक कांग्रेस नेताओं की ओर से सार्वजनिक माफी नहीं आती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।


