छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 2026-27 की तारीख, समर्थन मूल्य, टोकन नियम, एग्रीस्टैक पंजीकरण, नमी सीमा और किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जानें।
छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026-27: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसानों से धान खरीदने की प्रक्रिया 12 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलने की जानकारी दी गई है। इस सीजन में राज्य सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बार छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने के साथ खरीदी प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण नियम लागू किए जाने की बात कही गई है।
धान बेचने वाले किसानों को पंजीकरण, टोकन, प्रति एकड़ खरीदी सीमा और धान में नमी के निर्धारित मानकों का ध्यान रखना होगा। ऐसे में किसानों के लिए खरीदी से पहले सभी जरूरी नियमों की जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
12 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में नए खरीफ सीजन के दौरान धान खरीदी 12 नवंबर 2026 से शुरू होने और 31 जनवरी 2027 तक जारी रहने का कार्यक्रम बताया गया है। सरकार ने इस अवधि में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है।
धान की खरीदी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ यानी मार्कफेड के जरिए होगा। राज्य में वर्तमान में 2,739 धान खरीदी केंद्र होने की जानकारी दी गई है। आवश्यकता के अनुसार खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
इस बार धान खरीदी व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों को अधिक अवसर देने पर जोर दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन खरीदे जाने वाले धान का 70 प्रतिशत हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों के लिए निर्धारित किया जाएगा। वहीं, बाकी 30 प्रतिशत हिस्से में बड़े किसानों से धान खरीदा जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा देना और खरीदी केंद्रों पर उन्हें प्राथमिकता उपलब्ध कराना है।
एक एकड़ में अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी
धान की अवैध बिक्री और बिचौलियों की भूमिका पर अंकुश लगाने के लिए प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदे जाने की सीमा तय किए जाने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, यदि किसी क्षेत्र में राजस्व विभाग औसत धान उत्पादन इससे कम निर्धारित करता है, तो उस क्षेत्र के किसानों से निर्धारित उत्पादन के आधार पर ही धान खरीदा जाएगा। इसलिए किसानों को अपनी जमीन के रकबे और लागू उत्पादन सीमा की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लेनी चाहिए।
धान का समर्थन मूल्य कितना मिलेगा?
धान बेचने वाले किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी महत्वपूर्ण विषय है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान की दरें इस प्रकार बताई गई हैं:
- सामान्य धान: 2,441 रुपये प्रति क्विंटल
- ग्रेड-ए धान: 2,461 रुपये प्रति क्विंटल
किसानों को सलाह दी जाती है कि धान बेचने से पहले समर्थन मूल्य की पुष्टि आधिकारिक सरकारी आदेश से जरूर कर लें। राज्य सरकार की ओर से किसी अतिरिक्त सहायता या बोनस की घोषणा होने पर उसकी पात्रता और शर्तें अलग हो सकती हैं।
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धान बेचने के लिए टोकन लेना अनिवार्य
खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को पहले टोकन प्राप्त करना होगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, निर्धारित खरीदी तिथि से कम से कम सात दिन पहले टोकन के लिए आवेदन करना जरूरी होगा।
टोकन की संख्या के संबंध में छोटे किसानों को अधिकतम दो और बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन देने का प्रावधान बताया गया है। किसानों को अपनी सहकारी समिति से टोकन आवेदन की प्रक्रिया, उपलब्ध तारीखों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी समय पर लेनी चाहिए।
एग्रीस्टैक पंजीकरण के बिना नहीं बेच सकेंगे धान
इस खरीदी सीजन में एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण को आवश्यक बताया गया है। किसानों को खरीदी केंद्र पर अपनी ऋण पुस्तिका भी प्रस्तुत करनी होगी।
वहीं, दूसरे की जमीन पर बटाई के माध्यम से खेती करने वाले किसानों को जमीन के मालिक का सहमति पत्र और अपनी घोषणा प्रस्तुत करनी पड़ सकती है। ऐसे किसानों को पंजीकरण के दौरान आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी संबंधित सहकारी समिति से प्राप्त कर लेनी चाहिए।
धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर नहीं होगी खरीदी
धान की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। यदि धान में नमी निर्धारित मानक से अधिक पाई जाती है, तो उसकी खरीदी नहीं की जाएगी।
इसलिए किसानों को खरीदी केंद्र पर फसल ले जाने से पहले धान को अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए। इससे गुणवत्ता जांच के दौरान परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए किसानों की पहचान बायोमीट्रिक प्रणाली के माध्यम से सत्यापित किए जाने का भी प्रावधान बताया गया है। किसान स्वयं या नियमों के अनुसार परिवार के निर्धारित सदस्य के माध्यम से धान बेच सकेंगे।
दूसरे राज्यों से आने वाले धान पर रहेगी निगरानी
छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों से धान लाकर सरकारी केंद्रों पर बेचने की कोशिशों को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके तहत 76 धान खरीदी केंद्रों पर अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी।
इसके अलावा, धान भरने के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था मार्कफेड की ओर से की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुराने जूट बारदाने की कीमत 25 रुपये प्रति नग निर्धारित की गई है।
बीज उत्पादक किसानों के लिए भी जरूरी सूचना
धान बीज उत्पादन करने वाले किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। इसके तहत असफल धान बीज की खरीदी 1 मार्च से 31 मई 2027 के बीच विशेष केंद्रों पर किए जाने की जानकारी दी गई है।
संबंधित किसानों को इस व्यवस्था का लाभ लेने से पहले पात्रता, बीज की गुणवत्ता और जरूरी दस्तावेजों के बारे में संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
धान बेचने से पहले किसान जरूर करें ये काम
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों को कुछ महत्वपूर्ण तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए।
- एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
- खरीदी केंद्र से टोकन की प्रक्रिया और तारीख की जानकारी लें।
- ऋण पुस्तिका सहित जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
- धान को निर्धारित नमी के मानक के अनुसार सुखाएं।
- अपनी जमीन के रकबे और प्रति एकड़ खरीदी सीमा की पुष्टि करें।
- समर्थन मूल्य और खरीदी से संबंधित नवीनतम सरकारी निर्देशों की जानकारी प्राप्त करें।

