AI Impact Summit 2026 में Qualcomm और Mihup.ai ने ऑन-डिवाइस वॉयस AI टूल का ऐलान किया, जो 12 भारतीय भाषाओं में काम करेगा और क्लाउड पर निर्भरता घटाएगा।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन टेक इंडस्ट्री से जुड़ी एक बड़ी घोषणा सामने आई है। भारतीय AI कंपनी Mihup.ai और अमेरिकी चिपमेकर Qualcomm ने मिलकर BFSI (बैंकिंग, फाइनेंस और इंश्योरेंस) सेक्टर के लिए On-Device Voice AI समाधान विकसित करने की साझेदारी की है। दोनों कंपनियों का दावा है कि यह तकनीक क्लाउड पर निर्भर हुए बिना सीधे डिवाइस पर ही वॉयस कमांड और बातचीत को प्रोसेस करेगी, जिससे डेटा सिक्योरिटी, स्पीड और लागत—तीनों में बड़ा सुधार होगा।
Mihup.ai ने बताया कि यह नया Edge Voice Intelligence Stack खास तौर पर Qualcomm Hexagon NPU के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब यह है कि यूजर की आवाज और बातचीत का डेटा डिवाइस से बाहर नहीं जाएगा और क्लाउड सर्वर पर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी के मुताबिक, इसमें AI आधारित Automatic Speech Recognition (ASR) और एक Small Language Model का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सिस्टम संदर्भ समझकर तुरंत और सटीक जवाब दे सके।
इस समाधान की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे 12 से अधिक भारतीय भाषाओं के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। इसके साथ ही यह कोड-मिक्स्ड स्पीच (जैसे हिंदी-इंग्लिश मिक्स) को भी समझ सकेगा, जो भारतीय यूजर्स के बीच आम है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक GPU-बेस्ड क्लाउड AI सॉल्यूशंस की तुलना में करीब 80% तक ज्यादा किफायती हो सकती है।
also read :IND vs NED: घर में पहली बार नीदरलैंड्स से भिड़ेगा भारत, T20 WC 2026 में 7 खिलाड़ियों का होगा डेब्यू
BFSI सेक्टर के लिए तैयार किया जा रहा यह वॉयस AI टूल कॉल सेंटर्स और कस्टमर सपोर्ट सिस्टम्स में बड़ा बदलाव ला सकता है। Mihup.ai के अनुसार, यह सिस्टम रियल-टाइम वॉयलेशन डिटेक्शन और कोचिंग जैसी सुविधाएं देगा, यानी कॉल के दौरान ही नियमों के उल्लंघन या गलतियों को पहचाना जा सकेगा। इससे क्वालिटी कंट्रोल बेहतर होगा और ट्रेनिंग पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है।
एक और अहम फीचर है कस्टमर इमोशन डिटेक्शन। यह AI टूल ग्राहक की आवाज से उसकी भावनात्मक स्थिति को समझ सकेगा। अगर सिस्टम को लगे कि ग्राहक परेशान या तनाव में है, तो कॉल को तुरंत किसी ह्यूमन एजेंट के पास ट्रांसफर किया जा सकता है। वहीं, सामान्य सवालों के जवाब AI खुद दे सकेगा और ग्राहक के अकाउंट से जुड़ी जानकारी के आधार पर पर्सनलाइज्ड रिस्पॉन्स भी दे पाएगा, जिससे बार-बार IVR मेन्यू से गुजरने की जरूरत कम होगी।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि On-Device AI की ओर यह कदम खास तौर पर उन सेक्टर्स के लिए गेम-चेंजर हो सकता है, जहां डेटा प्राइवेसी और लेटेंसी बेहद अहम होती है। Qualcomm और Mihup.ai की यह साझेदारी भारत में लोकल लैंग्वेज सपोर्ट के साथ एज AI को नई रफ्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


