हरियाणा ने टीबी उन्मूलन में बड़ी प्रगति की—98% लक्ष्य हासिल, 90% उपचार सफलता; स्टेट टीबी वेबसाइट, सिलाई मशीन सेंटर और निक्षय इंटीग्रेशन जैसी नई पहलें शुरू।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, डिजिटल नवाचार, सुदृढ़ जांच व्यवस्था और समुदाय की भागीदारी के दम पर हरियाणा टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत राज्य ने इलाज से आगे बढ़कर मरीज-केंद्रित कई नई पहलें शुरू की हैं, जिनमें स्टेट टीबी सेल की वेबसाइट, टीबी से उबर चुके लोगों के लिए सिलाई मशीन सेंटर, मृत्यु दर घटाने के लिए क्लिनिकल गाइडेंस डॉक्यूमेंट, सेलेब्रिटी-आधारित जागरूकता अभियान और SNA स्पर्श का निक्षय प्लेटफॉर्म से एकीकरण शामिल है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्टेट टीबी सेल की समर्पित वेबसाइट से आम नागरिकों को टीबी सेवाओं तक रियल-टाइम पहुंच मिलेगी, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी। वहीं, सिलाई मशीन सेंटर का उद्देश्य टीबी से ठीक हो चुके मरीजों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है—पहली प्रशिक्षित लाभार्थी को जल्द मशीन दी जाएगी। यह पहल “टीबी के बाद जीवन” को सम्मान और स्थिरता देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
राज्य के प्रदर्शन के आंकड़ों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने बताया कि जनवरी-दिसंबर 2025 के दौरान हरियाणा ने 12,52,537 थूक (स्पुटम) जांच कीं, जबकि लक्ष्य 9,75,000 था—यानी प्रति लाख आबादी 3,848 जांच। इस अवधि में 88,689 टीबी केस नोटिफाई हुए, जो वार्षिक लक्ष्य का 98% है। निजी क्षेत्र ने भी 105% उपलब्धि दर्ज की, जिससे पब्लिक-प्राइवेट समन्वय की मजबूती दिखती है।
इलाज के नतीजे भी उत्साहजनक रहे। 2024 में 74,483 मरीज सफलतापूर्वक ठीक हुए और 90% ट्रीटमेंट सक्सेस रेट हासिल किया गया। सह-रोग प्रबंधन पर जोर देते हुए HIV टेस्टिंग कवरेज 98% और डायबिटीज स्क्रीनिंग 96% तक पहुंची। गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 90% माइक्रोबायोलॉजिकल कन्फर्म्ड केस में यूनिवर्सल ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग दी गई।
also read :मोहाली के फोर्टिस अस्पताल को मिली बम धमकी निकली फर्जी, SP दिलप्रीत सिंह ने कहा— स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर, हरियाणा में 23 जिला टीबी केंद्र, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर कार्यरत हैं। जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए 45 CBNAAT, 53 Truenat मशीनें और करनाल व PGIMS रोहतक में दो कल्चर व ड्रग ससेप्टिबिलिटी लैब सक्रिय हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक संवेदनशील लोगों का मैपिंग और 10 लाख से ज्यादा की स्क्रीनिंग की गई। पोषण और सामाजिक सहयोग के लिए निक्षय मित्र पहल के जरिए सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट वितरित किए जा चुके हैं। राज्य को विश्व टीबी दिवस 2025 पर इस पहल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी मिली, और 2024 में 1,855 टीबी मुक्त पंचायतें हासिल की गईं।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि लक्ष्य सिर्फ आंकड़े सुधारना नहीं, बल्कि हर मरीज को गरिमापूर्ण, समग्र और समय पर देखभाल सुनिश्चित करना है। नई डिजिटल और सामाजिक पहलों के साथ हरियाणा टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक बढ़त बना रहा है।


