मानसा में मजदूर-किसान रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने मनरेगा, दिहाड़ी, महिलाओं के वादे, अनाज कटौती और नशों पर सरकारों को घेरा।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मानसा में मजदूरों और किसानों के हक में आयोजित विशाल रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की भाजपा और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियों से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, मजदूर और छोटे किसानों को हो रहा है और सरकारें केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई हैं।
मनरेगा में बदलाव और दिहाड़ी का मुद्दा
राजा वड़िंग ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले मजदूर काम मांगते थे और उन्हें काम मिलता था, लेकिन अब सरकार तय करेगी कि कब, कहां और कितनी मजदूरी पर काम मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में काम के दिन 125 दिखाए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों को 50 दिन का काम भी मुश्किल से मिल रहा है।
उन्होंने मांग की कि मनरेगा की दिहाड़ी बढ़ाकर 700 रुपये की जाए और इस योजना को खेती से जोड़ा जाए, ताकि मजदूरों को किसानों के खेतों में भी रोजगार मिले और उनके काम के दिन बढ़ें।
नई डिजिटल हाजिरी व्यवस्था और फोटो खींचने की शर्त पर सवाल उठाते हुए वड़िंग ने कहा कि अब हाजिरी कहीं और लगती है और काम पांच किलोमीटर दूर दिया जाता है। इससे मजदूरों की दिहाड़ी का बड़ा हिस्सा आने-जाने के किराए में ही खर्च हो जाता है। उन्होंने इसे गरीबों को परेशान करने का तरीका करार दिया।
‘आप’ सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर चुनाव नजदीक आने पर इसका ऐलान किया भी जाए, तो पिछले चार साल का बकाया जरूर मांगा जाए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय मिलने वाला 30 किलो गेहूं घटाकर अब केवल 5 किलो कर दिया गया है, जिससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
also read :T20 World Cup 2026: भारत से करारी हार के बाद पाकिस्तान टीम में बड़ा बदलाव तय, बाबर आजम और शाहीन अफरीदी हो सकते हैं बाहर
कानून-व्यवस्था और नशों पर सवाल
राजा वड़िंग ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और लोगों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के पिता सरदार बलकौर सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अब भी इंसाफ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
नशों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये रैलियों और प्रचार पर खर्च कर ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ का दिखावा कर रही है, लेकिन गांवों में हालात जस के तस हैं और युवाओं का भविष्य खतरे में है।
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
इस रैली में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे। वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस मजदूरों और किसानों की आवाज सड़क से संसद तक उठाती रहेगी और उनके हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा।


