मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने वाला बजट सत्र हरियाणा के विकास, जनकल्याण और मजबूत अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास, जनकल्याण और सुशासन को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प पत्र उनके लिए गीता के समान है और उसी के आधार पर सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के साथ आगे बढ़ रही है।
हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि 19 सितंबर 2024 को जारी किए गए संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 वादे पूरे किए जा चुके हैं और 120 वादों पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री के रूप में अपने पहले बजट में की गई 248 घोषणाओं में से 77 पूरी हो चुकी हैं और 165 पर काम अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी व्यापक परामर्श के साथ की जा रही है। अब तक विभिन्न वर्गों के साथ 13 बैठकों में 2,199 सुझाव मिले हैं, जबकि एआई चैटबॉट के जरिए करीब 12,400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कम से कम 4 से 5 हजार सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जाए, ताकि बजट जनभावनाओं के अनुरूप हो।
हरियाणा की अर्थव्यवस्था और आय में मजबूत बढ़त
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) बढ़कर 13.67 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वहीं वर्ष 2024-25 में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय 3.58 लाख रुपये रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.19 लाख रुपये है। इससे स्पष्ट है कि हरियाणा देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है।
उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है। साथ ही सरकार का वास्तविक खर्च भी लगातार बढ़ा है, जो दर्शाता है कि विकास कार्यों पर लगातार निवेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था पर पहले से कहीं अधिक खर्च कर रही है और राजकोषीय घाटा भी नियंत्रित दायरे में है।
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और वित्तीय विश्वसनीयता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है, जो राज्य की बढ़ती वित्तीय विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीति और नीयत सही नहीं होती, तो यह भरोसा और संसाधन कैसे बढ़ते।
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रोजगार, शिक्षा और औद्योगिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 तक लगभग 27 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात (GER) भी बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है और पिछले दशक में 60 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र में भी हरियाणा तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य का औद्योगिक उत्पादन 11.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जिससे हरियाणा देश में चौथे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। 2015 के बाद से 20 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकरण हुए हैं और लाखों रोजगार के अवसर बने हैं। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में करीब 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावित हैं।
विपक्ष पर हमला और भाजपा की नीति पर भरोसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास देखने की नजर नहीं है और वे केवल दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है और इसी विश्वास के कारण केंद्र और हरियाणा में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 2047 तक विकसित हरियाणा के रोडमैप पर काम कर रही है और आगामी बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।


