स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष अस्पतालों में खाली पद जल्द भरे जाएंगे और भिवानी के 25 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मंजूरी दे दी गई है।
हरियाणा सरकार ने आयुष चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि खाली पदों को शीघ्र भरा जा सके और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पारंपरिक और समग्र चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता से न केवल मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर जिले में आयुष सेवाएं मजबूत और सुलभ हों।
इसी क्रम में भिवानी स्थित 25 बिस्तरों वाले सरकारी आयुष अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मंजूरी दे दी गई है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। मंत्री ने जानकारी दी कि इस अस्पताल के लिए पांच पदों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा योगा इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति पार्ट-टाइम नियमों के तहत की जाएगी, जिससे मरीजों को योग और वैकल्पिक चिकित्सा का लाभ भी मिल सके।
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आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष पद्धति न केवल रोगों के उपचार में सहायक है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती है। सरकार चाहती है कि एलोपैथी के साथ-साथ आयुष चिकित्सा पद्धतियों का भी समान रूप से विस्तार हो, ताकि नागरिकों को समग्र स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेशभर में आयुष संस्थानों की क्षमता बढ़ाने के लिए चरणबद्ध तरीके से स्टाफ की भर्ती की जाएगी और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ उपचार मिल पाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि अस्पतालों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरा जा सके। सरकार का मानना है कि इस कदम से आयुष सेवाओं पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई गति मिलेगी।


