मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में स्वैट कमांडो कोर्स समापन पर कहा कि हरियाणा की कानून-व्यवस्था को मॉडल बनाने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ खर्च और 5500 भर्तियां की जा रही हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा की कानून-व्यवस्था को पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, उन्नत अवसंरचना और अत्याधुनिक प्रशिक्षण से लैस किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस आधुनिकीकरण पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और राज्य में 5500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री पंचकूला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान 88 जवानों, जिनमें 11 पीएसआई और 77 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं, ने विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इन जवानों को आधुनिक हथियारों, एंटी-टेरर ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल, ड्रोन ऑपरेशन, आईईडी हैंडलिंग और फायर फाइटिंग जैसी तकनीकों में दक्ष बनाया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक आभासी (वर्चुअल) फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र जवानों को वास्तविक परिस्थितियों जैसा अनुभव देगा, जिससे उनकी प्रतिक्रिया क्षमता और फायरिंग की सटीकता में बड़ा सुधार होगा। बिना किसी जोखिम के कठिन परिस्थितियों का अभ्यास कर पाना प्रशिक्षण को और अधिक वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला की स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी और 1985 से यहां औपचारिक प्रशिक्षण शुरू हुआ। करीब 12 एकड़ क्षेत्र में फैले इस केंद्र से अब तक 25,700 से अधिक जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। यहां बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर स्वैट कमांडो कोर्स सहित 12 प्रकार के विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस केंद्र को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और इंटर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास जैसी नई तकनीकों से और सुसज्जित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज की चुनौतियां केवल पारंपरिक अपराधों तक सीमित नहीं हैं। आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर अपराध और ड्रोन आधारित खतरों से निपटने के लिए स्वैट जैसी विशेष इकाइयों की भूमिका बेहद अहम है। सरकार का प्रयास है कि हर पुलिसकर्मी शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी पूरी तरह सक्षम हो।
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उन्होंने राज्य की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2025 में करीब 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। रियल टाइम कार्रवाई के जरिए 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाया गया और 1.5 लाख फर्जी मोबाइल नंबर ब्लॉक कर नागरिकों के करीब 256 करोड़ रुपये सुरक्षित किए गए हैं। वहीं संगठित अपराध पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 426 आपराधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया और विदेश में छिपे 15 गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण भी कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘नशा-मुक्त हरियाणा’ के संकल्प के साथ एक्शन प्लान-2029 पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मधुबन स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब में ‘ट्रैकिया’ बार-कोडिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनी है। डायल-112 के जरिए औसतन 9 मिनट 44 सेकंड का रिस्पांस टाइम सरकार की तत्परता को दर्शाता है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति त्वरित कार्यवाही बल की 30 कंपनियां, 33 दुर्गा शक्ति वाहन, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला सहायता डेस्क सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वैट कमांडो को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया और कमांडो द्वारा लाइव फायरिंग, होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन और अन्य साहसिक अभ्यासों का प्रदर्शन भी किया गया। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जवानों का उत्साहवर्धन किया।
सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों से हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और राज्य की कानून-व्यवस्था को देश में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य साकार होगा।


