सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक हुई। हरियाणा देश का पहला राज्य बना जिसने उद्योग-श्रमिक समन्वय के लिए यह पहल की, जिससे ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक’ के संकल्प के साथ चंडीगढ़ में इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक की अध्यक्षता की। इस पहल के साथ हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय के लिए ऐसी परिषद का गठन किया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक मजबूती का आधार मजबूत उद्योग और खुशहाल श्रमिक होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और श्रमिकों के लिए ईज ऑफ लिविंग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि निवेश को बढ़ावा मिले और श्रमिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि यह काउंसिल उद्योगों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर समन्वय, कौशल विकास और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि कुशल श्रमिक और आधुनिक उद्योग मिलकर ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे मिलकर ऐसा माहौल बनाएं, जहां निवेशकों को सुविधा मिले और श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान व विकास के अवसर प्राप्त हों।
बैठक के दौरान यह भी चर्चा की गई कि भविष्य में कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन और श्रम-उद्योग संबंधों को और मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि हरियाणा को औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।


