जालंधर में सीएम भगवंत मान के जन संवाद कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी यूनियनों ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। यूनियन नेताओं को नजरबंद करने और पुरानी पेंशन योजना की मांग दबाने का दावा किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के जन संवाद कार्यक्रम के दौरान जालंधर में कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर सरकार जनता से संवाद की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारी नेताओं को घरों और दफ्तरों में नजरबंद किया जा रहा है।
सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के पंजाब प्रधान सुखजीत सिंह ने दावा किया कि उन्हें बीती रात से ही पुलिस प्रशासन द्वारा घर में ही रोके रखा गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को दबाया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, कपूरथला में संगठन से जुड़े एक अन्य पदाधिकारी को भी कथित तौर पर घर में सीमित कर दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार मांगों पर बातचीत करने के बजाय विरोध की आवाजों को नियंत्रित करने का रास्ता अपना रही है।
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कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाते रहेंगे।
फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच तनाव को उजागर कर दिया है।


