हरियाणा सरकार ने ग्रुप ‘डी’ भर्ती नियमों में बदलाव किया है। अब चयन पूरी तरह सीईटी अंकों की मेरिट पर होगा। नए नियमों से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी। जानिए पूरा अपडेट।
हरियाणा सरकार ने ग्रुप ‘डी’ कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, एकरूप और मेरिट आधारित बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब ग्रुप ‘डी’ पदों पर उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। जिन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक से कम तय है, उन्हें छोड़कर बाकी सभी पदों पर भर्ती सीईटी स्कोर से ही होगी।
इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। यह संशोधन हरियाणा ग्रुप ‘घ’ कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 की धारा 26 के तहत किया गया है और यह राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। अधिसूचना के अनुसार, अधिनियम की द्वितीय अनुसूची को प्रतिस्थापित कर नई चयन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत सीईटी का कुल स्कोर 100 प्रतिशत अंकों पर आधारित होगा। परीक्षा के पाठ्यक्रम को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग में 75 प्रतिशत अंक सामान्य जागरूकता, तर्कशक्ति, मात्रात्मक योग्यता, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषयों से होंगे, जबकि दूसरे भाग में 25 प्रतिशत अंक हरियाणा के इतिहास, समसामयिक घटनाओं, साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े विषयों पर आधारित होंगे। प्रश्नपत्र का स्तर मैट्रिक (माध्यमिक शिक्षा) के बराबर रहेगा।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 12 जनवरी 2024 को आयोजित ग्रुप ‘डी’ सीईटी लिखित परीक्षा, जिसकी वैधता 11 जनवरी 2027 तक है, उसमें सफल अभ्यर्थियों के अंकों को अधिकतम 95 अंकों के सापेक्ष प्रतिशत में बदलकर एक संयुक्त मेरिट सूची तैयार की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में भ्रम और असमानता खत्म होगी, साथ ही चयन पूरी तरह योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होगा। इससे उम्मीदवारों को भी एक स्पष्ट और निष्पक्ष व्यवस्था के तहत आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।


