भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आप विधायक कुलदीप धालीवाल ने केंद्र सरकार और सुनील जाखड़ पर हमला बोला है। उन्होंने इस समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए डील का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग की और टैरिफ असमानता पर सवाल उठाए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर देश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस समझौते को देश के किसानों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर तीखा हमला बोला है। धालीवाल का कहना है कि यह डील किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली है और इससे भारतीय कृषि बाजार पर गंभीर असर पड़ेगा।
“किसानों के साथ सबसे बड़ी गद्दारी”
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलदीप धालीवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के साथ अब तक की सबसे बड़ी गद्दारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को भरोसे में लिए बिना ही यह समझौता कर लिया, जो सीधे तौर पर उनके हितों के खिलाफ है।
टैरिफ को लेकर बड़ा सवाल
धालीवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस डील में टैरिफ को लेकर बड़ा असंतुलन दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि
अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया है,
जबकि भारत ने अमेरिकी सामान पर टैक्स 7.7 प्रतिशत से घटाकर शून्य (0%) कर दिया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारतीय किसान को अमेरिका में भारी टैक्स देना पड़ेगा और अमेरिकी किसान भारत में बिना टैक्स के अपना माल बेचेगा, तो इसे बराबरी का सौदा कैसे कहा जा सकता है?
भारतीय किसानों पर मंडराता खतरा
आप नेता ने चेतावनी दी कि इस डील से देश के कई राज्यों के किसान प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि
पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के मक्का, ज्वार और बाजरा किसान सबसे ज्यादा नुकसान में रहेंगे,
अमेरिका की सस्ती फसलें भारतीय मंडियों में भर जाएंगी,
वहीं कश्मीर और हिमाचल के सेब, बादाम और अखरोट उत्पादकों पर भी संकट आ जाएगा।
धालीवाल का कहना है कि इससे देश का कृषि बाजार कमजोर होगा और किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
सुनील जाखड़ पर सीधा हमला
कुलदीप धालीवाल ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस डील की उसी तरह वकालत कर रहे हैं, जैसे कभी अकाली दल ने तीन कृषि कानूनों की की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि कहीं जाखड़ का राजनीतिक भविष्य भी वैसा ही न हो जाए।
“डील का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया जाए”
आप नेता ने मांग की कि सरकार और भाजपा नेता:
इस ट्रेड डील का पूरा ड्राफ्ट सार्वजनिक करें,
किसानों और देश को इसकी सच्चाई बताएं,
और केवल बयानबाजी व ट्वीट्स से देश न चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि अब तक इस डील की जानकारी मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों से ही सामने आई है, जो चिंताजनक है।
“यह लड़ाई पूरे देश की है”
धालीवाल ने साफ कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की है जो देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को लेकर चिंतित है। उन्होंने एलान किया कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर रोजाना सरकार से जवाब मांगेगी और उसकी नीतियों को जनता के सामने लाएगी।


