हरियाणा सरकार की राज्य स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में पानीपत के बहोली की विकास योजना को मंजूरी दी। इस योजना से 2031 तक क्षेत्र के सुनियोजित विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की राज्य स्तरीय समिति (SLC) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला पानीपत के अंतर्गत आने वाले बहोली क्षेत्र के विकास नियोजन (डेवलपमेंट प्लान) पर विचार-विमर्श कर उसे स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय से क्षेत्र के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्तायुक्त व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, श्री राजा शेखर वुंडरू, श्री ए.के. सिंह, श्री अनुराग अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। उपायुक्त पानीपत और करनाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
अधिकारियों ने बताया कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा यह विकास योजना विभाग की नवीनतम नीतियों को सम्मिलित करते हुए, क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और अन्य योजना मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के समग्र, संतुलित और नियोजित विकास को सुनिश्चित करना है।
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बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यह योजना पानीपत ऑयल रिफाइनरी की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने वाली सहायक गतिविधियों को विनियमित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक, परिवहन एवं संचार, सार्वजनिक उपयोगिता तथा खुले क्षेत्र जैसे सहायक भूमि उपयोग प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि वर्ष 2031 तक अनुमानित करीब 65 हजार की आबादी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस विकास योजना के लागू होने से बहोली और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा, निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे क्षेत्र का विकास अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से संभव हो सकेगा।
अब आम जनता से इस संबंध में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने के लिए विभाग द्वारा अधिसूचना प्रकाशित की जाएगी। प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर लोग अपने सुझाव या आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त सुझावों पर विचार कर अंतिम विकास योजना प्रकाशित की जाएगी, जिससे नगर और आसपास के क्षेत्र के नियोजित विकास को नियंत्रित और प्रोत्साहित किया जा सकेगा।


