डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि पैक्स ग्रामीण हरियाणा की आर्थिक रीढ़ बनेंगी। सहकारिता के माध्यम से महिलाओं, युवाओं और किसानों को संगठित कर आत्मनिर्भर संस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों को संगठित कर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए सहकारिता क्षेत्र में अपार संभावनाओं के द्वार खोले जाएंगे और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां) को मजबूत कर ग्रामीण हरियाणा की आर्थिक रीढ़ के रूप में विकसित किया जाएगा।
डॉ. अरविंद शर्मा यह बात आज जींद जिले के गांव डिडवाडा में दि डिडवाडा बहु-उद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड के उद्घाटन के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समृद्धि का सपना अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिख रहा है, जिसमें गांव, किसान, युवा और महिलाएं सीधे लाभान्वित होंगे।
सहकारिता क्षेत्र में आया ऐतिहासिक बदलाव
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सहकारी क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया है। वर्ष 2021 में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपे जाने के बाद इस क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान पैक्स केवल ऋण वितरण और खाद बिक्री केंद्र तक सीमित रह गई थीं, लेकिन वर्तमान सरकार में इन संस्थाओं को बहु-उद्देश्यीय और आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आज पैक्स के माध्यम से “सहकार से समृद्धि” के विजन को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
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डिजिटलाइजेशन से बढ़ेगी पारदर्शिता और कार्यक्षमता
डॉ. शर्मा ने कहा कि पैक्स के डिजिटलाइजेशन और कंप्यूटरीकरण से पारदर्शिता, भरोसा और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब इन केंद्रों को केवल सेवा प्रदाता ही नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के बड़े माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या भी कम होगी।
गांवों में मिलेंगी नई सुविधाएं
उन्होंने बताया कि पैक्स के माध्यम से गांवों में पेट्रोल पंप, जनऔषधि केंद्र, सीएससी सेंटर, अनाज भंडारण गोदाम, बीज और खाद उत्पादन जैसी गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे न केवल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी और स्थानीय बाजारों को मजबूती मिलेगी।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पैक्स को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें ग्रामीण विकास का केंद्र बनाया जाए, ताकि हर गांव में रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि और आवश्यक सेवाओं की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सहकारिता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


