मेले में राजस्थान के स्पेशल अचार और नमकीन पर्यटकों की पहली पसंद बने हैं। अनारदाना गोली, जीरा गोली, इमली लड्डू की बढ़ती मांग ने देसी स्वाद की लोकप्रियता साबित की है।
मेले में इस बार देश-विदेश से आए हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के बीच राजस्थान के खास अचार और नमकीनों ने पर्यटकों का दिल जीत लिया है। रंग-बिरंगे स्टॉलों पर सजे पारंपरिक स्वादों की खुशबू और देसी अंदाज ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। खासतौर पर अनारदाना गोली, जीरा गोली और इमली लड्डू की खट्टी-मीठी और चटकारेदार स्वाद ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को अपना मुरीद बना दिया है।
राजस्थान अपने समृद्ध खानपान और पारंपरिक स्वादों के लिए पूरे देश में जाना जाता है। मेले में लगाए गए राजस्थान के स्टॉलों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। पर्यटक न सिर्फ इन उत्पादों को चख रहे हैं, बल्कि बड़ी संख्या में खरीदारी भी कर रहे हैं ताकि घर जाकर भी इस देसी स्वाद का आनंद ले सकें।
स्टॉल संचालकों के अनुसार, अनारदाना गोली और जीरा गोली पाचन के लिए काफी लाभकारी मानी जाती हैं, इसलिए इन्हें खास तौर पर खाने के बाद माउथ फ्रेशनर और डाइजेस्टिव के रूप में पसंद किया जा रहा है। वहीं इमली लड्डू का खट्टा-मीठा स्वाद हर आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित कर रहा है। बच्चे जहां इसे मिठाई की तरह पसंद कर रहे हैं, वहीं बड़े इसे पुराने जमाने की यादों से जोड़कर खरीद रहे हैं।
इसके अलावा आम, नींबू और हरी मिर्च के पारंपरिक अचार भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। देसी मसालों से तैयार किए गए ये अचार न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन हैं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले होने के कारण लोग इन्हें खास तौर पर अपने घर ले जाने के लिए खरीद रहे हैं। साथ ही, पारंपरिक पापड़ और नमकीन की भी अच्छी-खासी मांग देखने को मिल रही है।
पर्यटकों का कहना है कि इस तरह के मेलों में एक ही जगह देश के अलग-अलग राज्यों के स्वाद और संस्कृति को करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है। कई लोगों ने बताया कि वे हर साल इस मेले में आते हैं और राजस्थान के स्टॉल से विशेष रूप से खरीदारी करना नहीं भूलते।
एक पर्यटक ने कहा, “राजस्थान के अचार और नमकीनों का स्वाद बिल्कुल अलग होता है। यहां की जीरा गोली और इमली लड्डू बचपन की याद दिला देती है। हम हर बार यहां से कुछ न कुछ जरूर लेकर जाते हैं।”
मेले में राजस्थान के अचार और नमकीनों की बढ़ती लोकप्रियता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय पारंपरिक स्वाद की बात ही कुछ और है। बदलते समय में भी लोग अपने देसी स्वाद से जुड़ाव बनाए हुए हैं और यही वजह है कि ऐसे पारंपरिक उत्पाद आज भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।


