हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरकार गुरुग्राम के समग्र विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसेवा से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाए तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी और सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले से जुड़े विभिन्न विभागों की शिकायतों और परिवादों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया। शेष 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निपटाया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। सरकार का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे भविष्य में वही समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की सड़कों की स्थिति पर भी विशेष चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एक माह के भीतर जिले की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाया जाए, ताकि आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम से पहले सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य पूरा कर लिया जाए, जिससे जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में सेक्टर-85 की सड़क समस्या के समाधान का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी त्वरित पहल से वहां की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सका है, जिससे लगभग 7,000 से अधिक निवासियों और 800 स्कूली छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय का सकारात्मक उदाहरण बताया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ जमीन पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार जनसमस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों की गति बनी रहे।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


