हरियाणा सरकार ने राज्य के पहले ऑनलाइन तबादला अभियान से पहले एक अहम कदम उठाते हुए मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, 2025 के तहत ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’ शब्दों की एक समान व्याख्या सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस निर्णय का उद्देश्य विभिन्न विभागों में नीति के क्रियान्वयन को लेकर पैदा हो रही भ्रम की स्थिति को दूर करना और संभावित कानूनी विवादों से बचना है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह देखने में आया है कि अलग-अलग विभाग ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’ की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं। इससे न केवल तबादला नीति के अमल में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं, बल्कि इससे कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति और कानूनी विवाद की आशंका भी बढ़ रही है। इसी को देखते हुए सरकार ने इस विषय पर कानूनी सिद्धांतों, नीति के उद्देश्य और प्रशासनिक व्यवहार्यता के आधार पर समीक्षा कर एक समान निर्णय लिया है।
जारी किए गए स्पष्टीकरण के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी की अधिसूचना से पहले मौजूद रिक्त पदों को पहले ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान न तो ‘नोशनल वैकेंसी’ माना जाएगा और न ही उन्हें ‘नोशनल कैटेगरी’ में शामिल किया जाएगा। यानी जो पद पहले से खाली थे, उन्हें इस अभियान में विशेष श्रेणी या काल्पनिक रिक्ति के रूप में नहीं गिना जाएगा।
हालांकि, अधिसूचना की तिथि और पात्रता तिथि के बीच जो रिक्तियां उत्पन्न होंगी, उन्हें केवल एक बार के उपाय के रूप में ‘नोशनल वैकेंसी’ या ‘नोशनल कैटेगरी’ माना जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस सीमित अवधि में बनी रिक्तियों का समुचित तरीके से समायोजन किया जा सके और किसी वर्ग के साथ अन्याय न हो।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्रता तिथि के बाद उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को वर्तमान तबादला प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसी रिक्तियों पर केवल आगामी तबादला अभियानों में ही ‘नोशनल वैकेंसी’ या ‘नोशनल कैटेगरी’ के रूप में विचार किया जाएगा। इससे तबादला प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को भी मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पहले चरण का कोई भी जारी तबादला अभियान फिलहाल रेशनलाइजेशन चरण से बाहर न होकर प्री-रेशनलाइजेशन चरण में वापस लाया जाएगा। साथ ही, उपरोक्त फैसलों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में अतिरिक्त बदलाव करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था को तकनीकी रूप से सही ढंग से लागू किया जा सके।
सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए और इनका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। माना जा रहा है कि इस स्पष्टीकरण से पहले ऑनलाइन तबादला अभियान की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो सकेगी।


