मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत तेजी से एक विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसका प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के हालिया बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ‘विकसित भारत’ की स्पष्ट झलक दिखाई देती है और यह बजट देश को आत्मनिर्भर और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, उद्योगों को बढ़ावा देने, स्टार्टअप्स, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी पीछे न छूटे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी एक नई और मजबूत पहचान बनाई है। आज दुनिया भारत को एक भरोसेमंद साझेदार, उभरती हुई आर्थिक शक्ति और तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में देख रही है। विदेश नीति, व्यापार समझौते और निवेश के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से देश में विकास की रफ्तार और तेज हुई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी हरियाणा का बजट भी जनता की आशाओं और उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस विकास, रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को बेहतर शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर रहेगा। इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को और सशक्त करने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप राज्य में भी विकास की गति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘विकसित भारत’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, जिसे सरकार नीति, योजना और क्रियान्वयन के माध्यम से जमीन पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश दोनों स्तरों पर पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास का लाभ सही मायनों में जनता तक पहुंचे।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और हरियाणा दोनों ही विकास की नई ऊंचाइयों को छुएंगे। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाना है, जहां हर नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें और देश दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाए।


