मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत और प्रभावी बनता है, जब सरकार और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं और तथ्य आधारित सुझावों के माध्यम से जनहित में काम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ठोस तथ्यों के लगाए गए आरोप न केवल राजनीतिक माहौल को खराब करते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी कमजोर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा रचनात्मक आलोचना और अच्छे सुझावों के लिए खुली रहती है, बशर्ते वे तथ्यों और जनहित पर आधारित हों।
मुख्यमंत्री ने 1984 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उससे जुड़ी पीड़ा आज भी कई लोगों के मन में है और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन घटनाओं के पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया गया है और सरकार ने इस दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय और संवेदनशीलता लोकतंत्र की आत्मा हैं और इन्हें किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि सरकार विपक्ष की बात सुने और जनहित से जुड़े अच्छे सुझावों को स्वीकार करे। विधानसभा में भी विपक्ष को बार-बार यह कहा जाता है कि वह तथ्य आधारित और ठोस सुझाव प्रस्तुत करे, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे सुझावों को न केवल सुनेगी, बल्कि उन्हें अपनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में संवाद और सहमति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि हर मुद्दे पर केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की जाएगी, तो इससे न तो जनता का भला होगा और न ही व्यवस्था में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की कमियों की ओर ध्यान दिलाना है, लेकिन यह काम तथ्यों और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और सुशासन प्रदान करना है। इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष मिलकर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इन मतभेदों को संवाद और तर्क के माध्यम से सुलझाना ही लोकतांत्रिक परंपरा की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का भारत एक मजबूत और परिपक्व लोकतंत्र है, जहां जनता की आवाज को सर्वोपरि माना जाता है। सरकार की नीतियों और निर्णयों का अंतिम उद्देश्य जनकल्याण है और इसमें विपक्ष के सकारात्मक सुझावों का भी स्वागत किया जाता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार हर उस सुझाव पर विचार करेगी, जो तथ्यों पर आधारित हो और देश व प्रदेश के हित में हो।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विपक्ष और समाज के हर वर्ग की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी मिलकर तथ्य, संवाद और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ें, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनहितकारी बन सकता है।


