फरीदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस बार सोनीपत की युवा कलाकार नीतू अपनी स्केच और पेंटिंग की कला से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। मेले की चहल-पहल और रंग-बिरंगी संस्कृति के बीच नीतू का स्टॉल किसी जीवंत आर्ट स्टूडियो से कम नहीं दिख रहा, जहां लोग रुक-रुककर उनकी कला की बारीकियों को निहारते नजर आ रहे हैं। उनकी रचनात्मकता और हुनर ने मेले में एक अलग ही पहचान बना ली है।
शिल्प मेले में स्टॉल नंबर 1104 के समीप सोनीपत से आई नीतू लाइफ स्केच, कलरफुल स्केच और पोर्ट्रेट आर्ट के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं। खास बात यह है कि वह दर्शकों को सामने बैठाकर लाइव स्केच तैयार करती हैं, जिसे देखने का अनुभव लोगों के लिए बेहद खास और यादगार बन रहा है। पर्यटक न केवल उनकी तैयार की गई पेंटिंग्स खरीद रहे हैं, बल्कि खुद का पोर्ट्रेट बनवाने के लिए भी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
नीतू की कलाकृतियों में चेहरे के भाव, आंखों की गहराई और रंगों का संतुलन दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। उनकी पेंटिंग्स में जीवन की सजीवता और भावनाओं की गहराई साफ झलकती है। यही वजह है कि उनका स्टॉल मेले के सबसे चर्चित और भीड़भाड़ वाले स्थानों में शामिल हो गया है। कई लोग उनके काम की तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे हैं, जिससे उनकी कला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनती जा रही है।
नीतू का कहना है कि सूरजकुंड शिल्प मेला जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कला प्रदर्शित करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां देश-विदेश से आने वाले लोग उनकी कला को देख रहे हैं और सराह रहे हैं, जिससे उन्हें आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि लाइव स्केच बनाना उनके लिए एक चुनौती भी होता है और एक रोमांचक अनुभव भी, क्योंकि हर चेहरे की अपनी अलग कहानी और भाव होते हैं, जिन्हें कैनवास पर उतारना आसान नहीं होता।
मेले में आए कला प्रेमियों का कहना है कि नीतू की पेंटिंग्स में सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि भावनाओं की सच्चाई भी नजर आती है। कई दर्शकों ने उनके काम की तारीफ करते हुए कहा कि उनके स्केच और पोर्ट्रेट किसी फोटो की तरह ही जीवंत लगते हैं, बल्कि कई बार तो उससे भी ज्यादा प्रभावशाली होते हैं।
सूरजकुंड शिल्प मेला वैसे भी कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का बड़ा मंच माना जाता है, लेकिन नीतू जैसी युवा कलाकारों की मौजूदगी इस मेले को और भी खास बना रही है। उनकी सफलता यह दिखाती है कि यदि प्रतिभा को सही मंच मिले, तो वह न केवल पहचान बना सकती है, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।


