हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और ये न केवल बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि उन्हें संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रप्रेम की भावना से भी जोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण विद्यालय राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त नींव बनकर उभर रहे हैं, जहां से देश का भविष्य तैयार हो रहा है।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी जिला जींद के गांव हथो स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, कला, संस्कृति और नैतिक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य सिर्फ डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक तैयार करना होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार भारतीय संस्कृति, भारतीय विचारधारा और राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम चला रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य यह है कि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहे और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझे। मंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति और संत-महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और उन्हें जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
मंत्री बेदी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा से डरें नहीं, बल्कि इसे उत्सव की तरह लें। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का एक हिस्सा है, न कि जीवन का अंत। विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी करनी चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी और मेहनत से परिश्रम करें, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। उन्होंने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाएं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विद्यालय प्रबंधन की भी सराहना की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के शिक्षा संस्थान समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में ग्रामीण विद्यालयों से निकलकर छात्र देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
इस अवसर पर एचसीएस जगदीप ढांडा, वीरेंद्र गर्ग, बीईओ संतोष शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।


