कनीपला स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत टीजीटी हिंदी शिक्षक समीर कौशिक के खिलाफ छात्रा से दुर्व्यवहार के गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे पहले आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब पीड़ित छात्रा के परिजनों ने लाडवा जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से सीधे शिकायत की। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कदम उठाने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीजीटी हिंदी शिक्षक समीर कौशिक को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, निलंबन की अवधि के दौरान शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी, ताकि मामले की हर पहलू से जांच हो सके और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।
इस मामले में पुलिस पहले ही POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चुकी है और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानून के तहत जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पूरे प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग ने सभी स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षकों को यह संदेश दिया है कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, स्कूल परिसरों में छात्रों की सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि समाज में एक मजबूत संदेश जाए और भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
फिलहाल, मामले की पुलिस जांच जारी है और विभागीय स्तर पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


