विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर “जन जन जागे, कैंसर भागे” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समय पर जांच, सही जानकारी और सुलभ इलाज से इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने समर्पण फाउंडेशन की पहल की सराहना की और कहा कि यह अभियान जागरूकता को जनआंदोलन में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक इस विषय को गंभीरता से नहीं लेगा, तब तक कैंसर के खिलाफ लड़ाई को पूरी ताकत नहीं मिल सकती। इसी सोच के साथ “जन जन जागे, कैंसर भागे” का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इस मौके पर देश में कैंसर की रोकथाम और उपचार को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कैंसर की समय पर पहचान और सुलभ उपचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालिया केंद्रीय बजट में कैंसर उपचार से जुड़ी 17 महत्वपूर्ण दवाइयों के दाम कम किए जाने का फैसला आम मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को इलाज का बोझ कम महसूस होगा और वे बिना आर्थिक चिंता के उपचार करा सकेंगे।
दिल्ली में सरकार द्वारा आयुष्मान भारत और वय वंदना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत कैंसर स्क्रीनिंग सुविधाओं का विस्तार किया गया है, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में ही हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए, तो इसके सफल इलाज की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से सरकार और सामाजिक संगठन मिलकर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियानों पर विशेष जोर दे रहे हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कैंसर से जूझ रहे मरीजों और इस बीमारी से लड़ाई लड़ चुके लोगों के साहस को नमन किया। उन्होंने कहा कि ये लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी हिम्मत दूसरों को भी इस बीमारी से लड़ने का संबल देती है। साथ ही, परिवार और समाज की भूमिका को भी बेहद अहम बताया गया, क्योंकि मरीज को मानसिक और भावनात्मक सहारा मिलना इलाज जितना ही जरूरी होता है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-सेवा प्रमुख श्री ए. सेंथिल कुमार, समर्पण फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक श्री रवि प्रकाश, विधायक श्री अनिल शर्मा, श्री संजय गोयल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि कैंसर के खिलाफ इस जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर जांच कराएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।


