राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण तथा बागवानी मंत्री श्री @SinghRana6940 ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को मिट्टी जांच (सॉइल टेस्टिंग) के आधार पर ही फसल की बुवाई करने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित करें, ताकि किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें और खेती की लागत भी कम हो। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने से न केवल पैदावार में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहेगी।
मंत्री ने यह निर्देश एक समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारी और संबंधित योजनाओं से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक में मौजूदा कृषि योजनाओं की प्रगति, किसानों को मिल रही सुविधाओं और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
श्री @SinghRana6940 ने कहा कि आज भी कई किसान अनुमान के आधार पर उर्वरकों और बीजों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है और अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। यदि किसान मिट्टी की जांच रिपोर्ट के अनुसार फसल का चयन और उर्वरकों का इस्तेमाल करें, तो न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव भी कम होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मिट्टी जांच की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जाए।
बैठक में कृषि बीमा योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन कहीं-कहीं तकनीकी दिक्कतों और प्रक्रियागत देरी के कारण किसानों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि फसल बीमा योजना के तहत किसानों को नुकसान की स्थिति में समय पर मुआवजा मिलना बेहद जरूरी है। इसके लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की शिकायतों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर किया जाए और इसके लिए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर मंत्री ने कहा कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लाभार्थियों की सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाए और जिन किसानों के खाते या दस्तावेजों में त्रुटि है, उन्हें सुधारने में पूरी मदद की जाए।
अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को लाभकारी बनाना है। इसके लिए जरूरी है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और खेती में आधुनिक व वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे।


