बॉलीवुड के चर्चित फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने तेज़ी दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने सभी को 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इस मामले में बिश्नोई गैंग से जुड़े कथित आरोपी शुभम लोनकर को वांटेड घोषित कर उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच Mumbai Crime Branch कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ (19), सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (20), समर्थ शिवशरण पोमाजी (18) और स्वप्निल बांदू सकट (23) के रूप में हुई है। ये सभी पुणे के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनकी भूमिका घटना की योजना बनाने, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने और वारदात में इस्तेमाल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग को अंजाम देने वाले शूटरों से इनका सीधा संपर्क कैसे और कब हुआ।
सूत्रों के अनुसार, रविवार तड़के हमलावर बाइक से जुहू इलाके में पहुंचे थे। बाइक को कुछ दूरी पर खड़ा कर वे पैदल रोहित शेट्टी के आवासीय टॉवर तक गए, जहां फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। फायरिंग के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सौभाग्य से इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जांच में एक और अहम कड़ी तब सामने आई जब पुलिस ने एक ऑटो चालक से पूछताछ की। चालक के बयान के मुताबिक, हमलावरों ने उससे पूछा था कि “कल्याण चलोगे?” और बाद में जुहू के नजदीक एक स्टेशन पर उतरने को कहा। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने हमलावरों की मूवमेंट और एस्केप रूट को ट्रेस करना शुरू किया है।
फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी सैंपल्स एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि इस केस में सलमान खान के आवास के बाहर हुई फायरिंग से कुछ समानताएं भी सामने आई हैं, जिनकी जांच समानांतर रूप से की जा रही है। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़े शुभम लोनकर द्वारा जिम्मेदारी लेने के दावे के बाद पुलिस ने उसे वांटेड घोषित किया है और उसकी लोकेशन ट्रैक करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
घटना के बाद रोहित शेट्टी ने पुलिस को पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने एहतियातन अपने अगले दो दिनों के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और करीबी दोस्तों व सहयोगियों से आग्रह किया कि वे 48 घंटे तक उनसे मिलने न आएं। पुलिस ने उनके आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।
फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच की टीमें पुणे के वारजे और कर्वेनगर सहित कई इलाकों में दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।


