हरियाणा सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा कदम उठाते हुए 22 हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोशन के लिए इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट प्रदान कर दिए हैं। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अब इन अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित IPS प्रमोशन प्रक्रिया के जल्द पूरी होने की उम्मीद जगी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट मिलने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की सेवा विवरण, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR/APAR) और अन्य आवश्यक दस्तावेज UPSC को भेजे जाएंगे। इसके बाद आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन समिति की बैठक होगी, जिसमें योग्य पाए जाने वाले HPS अधिकारियों को IPS कैडर में शामिल करने की सिफारिश की जाएगी।
प्रमोशन की इस सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें मुकेश कुमार, ध्यान सिंह पूनिया, धर्मवीर सिंह, चलजिंद्र सिंह, जयबीर सिंह, कुशाल सिंह, राज कुमार वालिया, ताहिर हुसैन, नरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, ममता खर्च, रविंद्र विजय सिंह, सिद्धार्थ डांडा, करण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती दवास, अमित दहिया, ऊषा देवी और जितेंद्र गहलावत शामिल हैं। ये सभी अधिकारी लंबे समय से फील्ड और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया इससे पहले भी शुरू हुई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह आगे नहीं बढ़ पाई। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में करीब दो साल पहले 13 HPS अधिकारियों के प्रमोशन को लेकर सहमति बन गई थी। हालांकि, उस समय गृह विभाग द्वारा तैयार की गई फाइल पर तत्कालीन मुख्य सचिव संजिव कौशल ने कुछ आपत्तियां दर्ज करते हुए फाइल वापस भेज दी थी, जिसके चलते पूरा मामला अटक गया था।
अब नई प्रशासनिक पहल के साथ इस प्रक्रिया को दोबारा गति दी गई है। सरकार का मानना है कि योग्य और अनुभवी अधिकारियों को समय पर प्रमोशन मिलने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता भी मजबूत होगी। IPS कैडर में पदोन्नति से राज्य को बेहतर प्रशासनिक समन्वय और केंद्र-राज्य स्तर पर अधिक प्रभावी प्रतिनिधित्व भी मिलेगा।
पुलिस और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि UPSC स्तर पर प्रक्रिया सुचारु रही, तो आने वाले महीनों में इन HPS अधिकारियों को IPS बैच में शामिल किया जा सकता है। इससे हरियाणा पुलिस को अनुभवी नेतृत्व मिलेगा और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।


