आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। OpenAI ने फैसला लिया है कि वह अपने कई पुराने (लेगेसी) AI मॉडल्स को अगले महीने से बंद करने जा रही है। इस फैसले के तहत GPT-4o और GPT-4.1 जैसे पॉपुलर मॉडल्स को 13 फरवरी के बाद ChatGPT प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम यूजर्स को अधिक एडवांस, सुरक्षित और क्रिएटिव अनुभव देने के लिए उठाया जा रहा है।
OpenAI के अनुसार, पुराने मॉडल्स को बंद करने के साथ ही यूजर्स की मौजूदा चैट्स और वर्कफ्लो को ऑटोमैटिक रूप से नए GPT-5.2 मॉडल पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। यानी यूजर्स को मैन्युअली किसी सेटिंग को बदलने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि नया मॉडल ज्यादा स्मार्ट, तेज और यूजर कंट्रोल से भरपूर होगा।
बताया जा रहा है कि GPT-5.2 में क्रिएटिव राइटिंग, कोडिंग, डेटा एनालिसिस और मल्टी-टास्किंग से जुड़े फीचर्स को पहले से कहीं ज्यादा बेहतर बनाया गया है। इसके अलावा यूजर्स को अब यह तय करने का ज्यादा कंट्रोल मिलेगा कि AI किस तरह का आउटपुट दे—चाहे वह प्रोफेशनल हो, क्रिएटिव हो या सिंपल और शॉर्ट जवाबों वाला।
OpenAI का मानना है कि पुराने मॉडल्स को लंबे समय तक सपोर्ट करना न सिर्फ टेक्निकल रूप से मुश्किल हो जाता है, बल्कि इससे इनोवेशन की रफ्तार भी धीमी पड़ती है। कंपनी अब अपने रिसोर्सेज को सीमित मॉडल्स पर फोकस करके ज्यादा पावरफुल और सुरक्षित AI सिस्टम विकसित करना चाहती है। यही वजह है कि लेगेसी मॉडल्स को फेज-आउट करने का फैसला लिया गया है।
हालांकि, इस घोषणा के बाद कुछ यूजर्स में चिंता भी देखने को मिल रही है। कई प्रोफेशनल यूजर्स का कहना है कि वे GPT-4o जैसे मॉडल्स के आउटपुट और बिहेवियर के आदी हो चुके हैं। ऐसे में अचानक नए मॉडल पर शिफ्ट होना उनके वर्कफ्लो को प्रभावित कर सकता है। वहीं OpenAI ने भरोसा दिलाया है कि नया मॉडल पुराने मॉडल्स की तुलना में ज्यादा स्टेबल और एडवांस होगा।
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला AI इंडस्ट्री में एक नेचुरल ट्रांजिशन है। जैसे-जैसे AI टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है, कंपनियों को पुराने सिस्टम्स को बंद कर नए और ज्यादा सक्षम मॉडल्स लाने पड़ते हैं। GPT-5.2 को OpenAI के अब तक के सबसे ज्यादा कंट्रोल्ड और कस्टमाइजेबल मॉडल्स में से एक माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, OpenAI का यह कदम यह साफ संकेत देता है कि कंपनी भविष्य की AI जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलाव कर रही है। आने वाले समय में ChatGPT यूजर्स को ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और पर्सनलाइज्ड अनुभव मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि GPT-5.2 यूजर्स की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है और AI की दुनिया में यह बदलाव कितनी बड़ी क्रांति लेकर आता है।


