बॉलीवुड में जब भी मजबूत महिला किरदारों की बात होती है, तो Rani Mukerji का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। एक बार फिर फिल्म Mardaani 3 के जरिए रानी मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है कि उम्र उनके लिए कभी भी चुनौती नहीं रही। 47 साल की उम्र में रानी ने ऐसा साहसिक फैसला लिया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस दोनों को चौंका दिया है।
‘मर्दानी 3’ में रानी मुखर्जी अपने चर्चित किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में एक बार फिर नजर आ रही हैं। इस बार फिल्म पहले से कहीं ज्यादा डार्क, इंटेंस और एक्शन से भरपूर बताई जा रही है। खास बात यह है कि रानी ने फिल्म के कई खतरनाक एक्शन सीक्वेंस खुद करने का फैसला लिया, जबकि आमतौर पर ऐसे सीन स्टंट डबल्स की मदद से कराए जाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, रानी मुखर्जी ने यह निर्णय पूरी तैयारी और ट्रेनिंग के बाद लिया। उन्होंने महीनों तक फिजिकल ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट्स और स्टंट प्रैक्टिस की, ताकि एक्शन सीन स्क्रीन पर पूरी तरह रियल लगें। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि रानी किसी भी सीन में समझौता नहीं चाहती थीं और वह चाहती थीं कि दर्शकों को हर फ्रेम में किरदार की सच्चाई महसूस हो।
फिल्म यूनिट के एक सदस्य के अनुसार, शूटिंग के दौरान कुछ एक्शन सीन बेहद जोखिम भरे थे, जिनमें गिरने, दौड़ने और हाथापाई जैसे सीन शामिल थे। इसके बावजूद रानी ने स्टंट डबल लेने से इनकार कर दिया और खुद ही सीन परफॉर्म किए। यही वजह है कि ‘मर्दानी 3’ में उनका एक्शन पहले से कहीं ज्यादा दमदार और प्रभावशाली नजर आ रहा है।
रानी मुखर्जी पहले भी कई इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ी उनके दिल के बेहद करीब है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि महिलाओं की ताकत, आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक है। ‘मर्दानी 3’ के जरिए वह यह संदेश देना चाहती हैं कि उम्र कभी भी हिम्मत और जुनून के आड़े नहीं आती।
फिल्म रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर भी रानी मुखर्जी की जमकर तारीफ हो रही है। फैंस उन्हें “असली मर्दानी” बता रहे हैं और उनके समर्पण को सलाम कर रहे हैं। कई दर्शकों का कहना है कि रानी ने यह साबित कर दिया है कि महिला प्रधान एक्शन फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर दम रखती हैं।
वर्क फ्रंट की बात करें तो ‘मर्दानी 3’ रानी मुखर्जी के करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक मानी जा रही है। यह फिल्म न केवल उनके अभिनय की परीक्षा है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक साहस का भी प्रमाण है।
कुल मिलाकर, ‘मर्दानी 3’ में रानी मुखर्जी का यह साहसी कदम बॉलीवुड में एक नई मिसाल पेश करता है। 47 की उम्र में खतरनाक एक्शन खुद कर यह दिखा देना कि जुनून और मेहनत के आगे उम्र मायने नहीं रखती—यही रानी मुखर्जी को सच में ‘मर्दानी’ बनाता है।


