आज चंडीगढ़ में पंजाब सरकार और Republic of Korea के प्रतिनिधिमंडल के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य फोकस स्मार्ट फार्मिंग, आधुनिक कृषि मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर रहा। दोनों पक्षों ने माना कि आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए संभावित संयुक्त परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्मार्ट फार्मिंग तकनीकों के माध्यम से फसल उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष जोर दिया गया। दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने अपने देश में अपनाई जा रही उन्नत कृषि तकनीकों, ऑटोमेशन आधारित मशीनरी और बायोटेक्नोलॉजी समाधानों के अनुभव साझा किए, जिन्हें पंजाब की परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जा सकता है।
पंजाब सरकार के अधिकारियों ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार का उद्देश्य इसे एक लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करना है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान और निवेश को आकर्षित करना समय की आवश्यकता है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार छोटे और मध्यम किसानों तक आधुनिक तकनीक को पहुंचाया जाए, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप उत्पादन कर सकें।
दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मेहनती किसानों और सकारात्मक कार्य वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंजाब में निवेश और तकनीकी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी ट्रांसफर पर काम किया जा सकता है।
बैठक के अंत में दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल को Progressive Punjab Investors’ Summit 2026 में भाग लेने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। यह समिट 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में आयोजित होने वाली है। अधिकारियों ने बताया कि यह समिट निवेशकों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के लिए एक बड़ा मंच साबित होगी, जहां कृषि, उद्योग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने इस आमंत्रण का स्वागत करते हुए समिट में भाग लेने में रुचि दिखाई। उनका कहना था कि इस तरह के आयोजन दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को और मजबूत करने में सहायक होंगे।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ में हुई यह बैठक पंजाब और दक्षिण कोरिया के बीच कृषि सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, रोजगार और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।


