राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक महरौली क्षेत्र में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में आज श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का विशेष संगम देखने को मिला। मंदिर में माँ योगमाया के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और मंगल की कामना की। दर्शन के दौरान पूरे परिसर में “जय माँ योगमाया” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
माता योगमाया मंदिर को दिल्ली के सबसे प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ योगमाया शक्ति, संरक्षण और धर्म की दिव्य चेतना का स्वरूप हैं। कहा जाता है कि उनकी कृपा से यह नगर सदियों से आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहाँ माँ के दर्शन कर अपने जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।
मंदिर परिसर में आज विशेष शांति और आध्यात्मिक अनुभूति देखने को मिली। भक्तों ने माँ के चरणों में पुष्प अर्पित कर परिवार के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर यह भाव प्रकट किया गया कि माँ योगमाया की कृपा से प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, स्वास्थ्य और मंगल का प्रकाश बना रहे तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की भावना और अधिक सुदृढ़ हो।
धार्मिक इतिहासकारों के अनुसार, महरौली स्थित यह मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। मंदिर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और लोककथाओं में मिलता है। समय-समय पर विभिन्न राजवंशों और श्रद्धालुओं द्वारा इसका संरक्षण और जीर्णोद्धार किया गया, जिससे यह आज भी अपनी प्राचीन गरिमा और आस्था को बनाए हुए है।
माता योगमाया मंदिर विशेष रूप से नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं से भर जाता है। इन अवसरों पर यहां भजन-कीर्तन, हवन और विशेष पूजाओं का आयोजन किया जाता है। भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती और माँ योगमाया अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।
दर्शन के उपरांत यह संदेश भी दिया गया कि वर्तमान समय में आध्यात्मिकता और संस्कारों का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे पावन स्थलों पर आकर मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। माता योगमाया का आशीर्वाद समाज को धर्म, करुणा और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
अंत में सभी श्रद्धालुओं ने माँ से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद सदैव बना रहे और देश व समाज में सुख-शांति, समृद्धि और सद्भाव कायम रहे। जय माँ योगमाया।


