पंजाब सरकार ने सामाजिक समरसता, समानता और मानव गरिमा के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जालंधर जिले में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया है। यह केंद्र डेरा बल्लां क्षेत्र के समीप विकसित किया जाएगा और इसका उद्देश्य गुरु रविदास जी के विचारों, शिक्षाओं और दर्शन को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। सरकार के इस फैसले को राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह अध्ययन केंद्र केवल धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक बहुआयामी शैक्षणिक और शोध संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गुरु रविदास बाणी पर अकादमिक अध्ययन, शोध कार्य, संगोष्ठियां, व्याख्यान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से गुरु रविदास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के संदेश को व्यवस्थित रूप से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पंजाब सरकार का मानना है कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी अपने काल में थीं। उन्होंने जाति-आधारित भेदभाव, सामाजिक अन्याय और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और एक ऐसे समाज की कल्पना की, जहां हर व्यक्ति को सम्मान, अवसर और अधिकार मिले। अध्ययन केंद्र के माध्यम से इन विचारों पर शोध और संवाद को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सामाजिक चेतना और समावेशी सोच को मजबूती मिलेगी।
यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में उभरेगा। यहां डिजिटल लाइब्रेरी, पांडुलिपि संरक्षण इकाई, ऑडिटोरियम और प्रशिक्षण कक्ष विकसित किए जाने की योजना है। साथ ही गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी यात्राओं और उनके योगदान को दर्शाने वाली प्रदर्शनी गैलरी भी स्थापित की जाएगी, ताकि आमजन उनके विचारों से सीधे जुड़ सकें।
सरकार का यह भी उद्देश्य है कि यह अध्ययन केंद्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित करे। इससे गुरु रविदास के दर्शन को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी और पंजाब की समृद्ध सामाजिक-धार्मिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, केंद्र में सामाजिक सुधार, मानवाधिकार और समानता से जुड़े विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
स्थानीय समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह पहल न केवल गुरु रविदास जी के संदेश को संरक्षित करेगी, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, समरसता और समान अवसर की भावना को भी मजबूत करेगी। जालंधर क्षेत्र में इस केंद्र की स्थापना से स्थानीय विकास, शैक्षणिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत राज्य को सामाजिक न्याय, समानता और ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा रहा है।


