चंडीगढ़ में आज हरियाणा प्रदेश वर्क्स कमेटी (एचपीडब्ल्यूसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा की गई। इस बैठक में प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए कुल ₹127.87 करोड़ की विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं को मंज़ूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना और हरियाणा को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
बैठक में जिन प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, उनमें फरीदाबाद, अंबाला और गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों के विकास कार्य शामिल हैं। फरीदाबाद में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक योजना को मंज़ूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा, पाइपलाइन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और जल वितरण में होने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाएगा। इससे लाखों नागरिकों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।
अंबाला में आधुनिक स्वच्छता कार्यों को गति देने के लिए विशेष परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इनमें सीवरेज प्रणाली के उन्नयन, स्वच्छता ढांचे के विस्तार और शहरी साफ-सफाई से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। इन प्रयासों से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।
गुरुग्राम में माता शीतला देवी मंदिर परिसर के पुनर्विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पुनर्विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर में सुविधाओं का विस्तार, यातायात प्रबंधन में सुधार, स्वच्छता व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि सरकार की पारदर्शी नीतियों और प्रभावी कार्यप्रणाली के चलते ₹8.77 करोड़ की बचत सुनिश्चित की गई है। यह बचत वित्तीय अनुशासन और जिम्मेदार प्रशासन का प्रमाण मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजनाओं की लागत, गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा गया कि सरकार का संकल्प स्पष्ट है—समयबद्ध सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता वाले कार्यों के साथ ‘विकसित हरियाणा’ का निर्माण। शहरी विकास परियोजनाएँ प्रदेश की आर्थिक प्रगति, नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
अंत में यह भी दोहराया गया कि आने वाले समय में राज्य के अन्य शहरों में भी इसी तरह की विकास परियोजनाओं को गति दी जाएगी, ताकि हरियाणा को आधुनिक, स्वच्छ और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।


