दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, झुग्गी बस्ती सुधार, जनकल्याणकारी भोजन योजनाओं और पर्यावरण अनुकूल परिवहन जैसे क्षेत्रों में ठोस कदम उठा रही है, ताकि राजधानी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वह आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में योगदान दे सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। आधुनिक चिकित्सा उपकरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और आम जनता को सुलभ इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली ही किसी भी विकसित समाज की नींव होती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने झुग्गी बस्ती सुधार योजना को भी दिल्ली के विकास का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास, स्वच्छता, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे और सभी को सम्मानजनक जीवन मिले।
जनकल्याण की दिशा में अटल कैंटीन योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना विशेष रूप से श्रमिकों, गरीब वर्ग और असहाय लोगों के लिए राहत का माध्यम बनी है और सामाजिक समानता को मजबूत कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए इलेक्ट्रिक बसों को दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा भी मिलेगी। यह पहल दिल्ली को ग्रीन और स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का विज़न केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण के क्षेत्र में उठाए गए ये कदम दिल्ली को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राजधानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सहयोग से दिल्ली सरकार विकास की इस यात्रा को और तेज़ गति से आगे बढ़ाएगी, ताकि राजधानी देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सके।


