हरियाणा के भविष्य की विकास दिशा तय करने के उद्देश्य से आज पंचकूला में एक महत्वपूर्ण प्री-बजट बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रदेश के सांसदों, कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों ने सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026-27 के बजट के लिए व्यापक विचार-विमर्श करना और जनहित को केंद्र में रखते हुए प्राथमिकताओं का निर्धारण करना रहा।
बैठक के दौरान जनता की अपेक्षाओं, जनप्रतिनिधियों के अनुभव और सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता—इन तीनों ने मिलकर आगामी बजट के स्वरूप को आकार दिया। वक्ताओं ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय के आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक दिशा, सामाजिक संतुलन और विकास की प्राथमिकताओं का स्पष्ट प्रतिबिंब होता है। इसी दृष्टिकोण के साथ सरकार 2026-27 का बजट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
प्री-बजट बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं और स्थानीय समस्याओं को सामने रखते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए, ताकि बजट का लाभ प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंच सके।
सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि आगामी बजट संतुलित होने के साथ-साथ संवेदनशील, दूरदर्शी और समावेशी होगा। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय संतुलन और दीर्घकालीन विकास को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने बताया कि संसाधनों के प्रभावी उपयोग, पारदर्शिता और जवाबदेही को बजट का मूल आधार बनाया जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि हरियाणा का बजट देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और सेवा क्षेत्र की मजबूती राष्ट्रीय विकास में योगदान देती है। इस दृष्टि से राज्य सरकार का बजट राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया कि आगामी बजट माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विज़न को धरातल पर उतारने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि राज्य विकास, नवाचार और समावेशिता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहे।
प्री-बजट बैठक के समापन पर यह संकल्प दोहराया गया कि सरकार जनता के विश्वास पर खरी उतरेगी और ऐसा बजट प्रस्तुत करेगी जो युवाओं को अवसर, किसानों को समर्थन, महिलाओं को सशक्तिकरण और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाए। पंचकूला में हुई यह बैठक हरियाणा के आर्थिक और सामाजिक भविष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


